महंगी बिजली और दोगुने बिलों के खिलाफ युवा कांग्रेस का बिगुल, गौरेला में होगा हस्ताक्षर अभियान। - Sarvavyapi महंगी बिजली और दोगुने बिलों के खिलाफ युवा कांग्रेस का बिगुल, गौरेला में होगा हस्ताक्षर अभियान। - Sarvavyapi

महंगी बिजली और दोगुने बिलों के खिलाफ युवा कांग्रेस का बिगुल, गौरेला में होगा हस्ताक्षर अभियान।

Share Now

नूर मोहम्मद/ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही/(सर्वव्यापी)

छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही बिजली दरें और उपभोक्ताओं पर दोहरे बिजली बिलों का बोझ अब जनता के सब्र का बांध तोड़ रहा है बिजली उपभोक्ताओं की परेशानियों को आवाज देने के लिए अब युवा कांग्रेस मैदान में उतर आई है महंगी बिजली और स्मार्ट मीटर की गड़बड़ियों के खिलाफ युवा कांग्रेस ने “बिजली चोर गद्दी छोड़” का नारा बुलंद करते हुए आंदोलन का शंखनाद कर दिया है। प्रदेश युवा कांग्रेस प्रभारी अमित सिंह पठानिया, सहप्रभारी डॉ. मोनिका मांडरे और प्रदेशाध्यक्ष आकाश शर्मा के निर्देश पर पूरे राज्य में यह आंदोलन चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में युवा कांग्रेस ने आंदोलन का दूसरा चरण शुरू करने का ऐलान किया है इसके तहत 04 अक्टूबर 2025 को दोपहर 12:30 बजे संजय चौक, गौरेला में हस्ताक्षर अभियान आयोजित किया जाएगा।जनता पर बिजली का बोझप्रदेश में बीते कुछ महीनों से बिजली दरों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। आम जनता पहले ही महंगाई और रोजमर्रा की जरूरतों से जूझ रही है, ऊपर से बिजली बिलों में हुई अचानक और दोहरी वृद्धि ने परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं को बिजली बिल दोगुना आने की शिकायतें मिल रही हैं।खासकर स्मार्ट मीटर लगाने के बाद तो उपभोक्ताओं की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। कई घरों में अचानक बिजली खपत का आंकड़ा इतना ज्यादा आ रहा है, जो असल उपयोग से मेल नहीं खाता। लोग मानते हैं कि मीटर की तकनीकी गड़बड़ी का खामियाजा जनता को उठाना पड़ रहा है।

-:युवा कांग्रेस की मांगें :-

युवा कांग्रेस ने इस आंदोलन के जरिए सरकार के सामने दो प्रमुख मांगे रखी हैं:1. बिजली दरों में हुई वृद्धि को तत्काल वापस लिया जाए।2. स्मार्ट मीटर से जुड़ी सभी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।युवा कांग्रेस का कहना है कि सरकार की नीतियों के कारण जनता पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाला जा रहा है, जबकि आम परिवार पहले ही महंगाई से त्रस्त है।

हस्ताक्षर अभियान का महत्व

गौरेला में होने वाला यह हस्ताक्षर अभियान केवल एक प्रतीकात्मक विरोध नहीं है, बल्कि यह जनता की सामूहिक आवाज़ को सरकार तक पहुंचाने का माध्यम होगा। जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमन शर्मा और जिला संयोजक निलेश गुर्जर ने बताया कि इस अभियान में आम नागरिकों से लेकर पार्टी के सभी संगठनात्मक विंग भाग लेंगे।इस मौके पर जिला कांग्रेस कमेटी, NSUI, महिला कांग्रेस, किसान कांग्रेस, इंटक, युवा कांग्रेस के प्रदेश पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, ब्लॉक पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित होंगे।

-:जनआंदोलन का रूप:-

“बिजली चोर गद्दी छोड़” का नारा इस आंदोलन को जनआंदोलन का स्वरूप दे रहा है। बिजली बिलों को लेकर गुस्साई जनता अब कांग्रेस के मंच पर आकर अपनी बात रख रही है। आंदोलन का उद्देश्य न सिर्फ सरकार को जगाना है, बल्कि आम जनता को यह भरोसा दिलाना भी है कि उनकी समस्याओं को राजनीतिक मंचों पर मजबूती से उठाया जा रहा है।

-:नेताओं की अपील :-

युवा कांग्रेस के नेताओं ने जिले के हर वर्ग से आह्वान किया है कि वे इस हस्ताक्षर अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। जिला अध्यक्ष अमन शर्मा ने कहा -“हम जनता की लड़ाई लड़ रहे हैं। यह सिर्फ कांग्रेस का आंदोलन नहीं है, बल्कि हर उस उपभोक्ता की आवाज़ है, जो महंगे बिजली बिल से परेशान है। सरकार को जनता की पीड़ा सुननी होगी।”वहीं, जिला संयोजक निलेश गुर्जर ने कहा :-“स्मार्ट मीटर की गड़बड़ियों ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। जनता अब ठगी बर्दाश्त नहीं करेगी। इस आंदोलन के जरिए हम सरकार तक जनता का गुस्सा पहुंचाएंगे।”

-:लोगों की प्रतिक्रियाएँ :-

इस आंदोलन को लेकर जनता में भी उत्साह देखा जा रहा है। कई उपभोक्ताओं ने कहा कि वे बिजली बिल देखकर हैरान रह जाते हैं।गौरेला निवासी एक गृहिणी ने बताया—”हमारा बिल अचानक दोगुना आ गया, जबकि हमने अतिरिक्त बिजली का उपयोग नहीं किया। यह पूरी तरह से अन्याय है।”वहीं एक दुकानदार ने कहा”स्मार्ट मीटर लगाने के बाद से लगातार बिल बढ़ रहा है। हमें लगता है कि मीटर सही तरीके से काम ही नहीं कर रहा।”

-:राजनीतिक असर :-

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिजली दरों का मुद्दा ग्रामीण और शहरी दोनों वर्गों को सीधे प्रभावित करता है। यदि आंदोलन ने जोर पकड़ा तो यह सरकार के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकता है। महंगाई और रोजगार पहले ही जनता की बड़ी समस्याएँ हैं, अब बिजली दरों ने इसमें और इजाफा कर दिया है।युवा कांग्रेस का यह कदम सीधे तौर पर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश है। हस्ताक्षर अभियान के बाद आंदोलन को और भी व्यापक स्तर पर ले जाने की योजना है।

-:आगामी रणनीति :-

सूत्रों के अनुसार, यदि सरकार ने बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी वापस नहीं ली और स्मार्ट मीटर की समस्याओं का हल नहीं किया, तो युवा कांग्रेस आगे और बड़े आंदोलनों की तैयारी कर रही है। इसमें धरना-प्रदर्शन, जनसभा और राज्यव्यापी अभियान शामिल हो सकते हैं।गौरेला में होने वाला 04 अक्टूबर का हस्ताक्षर अभियान सिर्फ स्थानीय आयोजन नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ में महंगी बिजली के खिलाफ जनता की बढ़ती बेचैनी का प्रतीक है।”बिजली चोर गद्दी छोड़” जैसे नारे इस बात का साफ संकेत हैं कि युवा कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है अब देखने वाली बात यह होगी कि जनता की यह आवाज़ सरकार तक कितनी मजबूती से पहुँचती है और क्या सचमुच सरकार उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान करने के लिए ठोस कदम उठाती है या नहीं।


Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!