‘आदि कर्मयोगी अभियान’ से साकार हो रहा जनजातीय उत्थान का सपना...ग्रामीणों ने पहली बार स्वयं बनाया अपने गांव विकास का प्रारूप... पढ़ें पूरी खबर। - Sarvavyapi ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ से साकार हो रहा जनजातीय उत्थान का सपना...ग्रामीणों ने पहली बार स्वयं बनाया अपने गांव विकास का प्रारूप... पढ़ें पूरी खबर। - Sarvavyapi

‘आदि कर्मयोगी अभियान’ से साकार हो रहा जनजातीय उत्थान का सपना…ग्रामीणों ने पहली बार स्वयं बनाया अपने गांव विकास का प्रारूप… पढ़ें पूरी खबर।

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विकास नंद/ सर्वव्यापी/

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” के आह्वान और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सुशासन की भावना को मूर्त रूप देते हुए ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ 10 जुलाई 2025 से एक परिवर्तनकारी राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में प्रारंभ हुआ। यह अभियान शासन की नई समुदाय-आधारित विकास परंपरा का प्रतीक है, जिसका उद्देश्य केवल योजनाओं की पहुँच नहीं, बल्कि जनजातीय समाज को विकास का सह-निर्माता बनाना है।

वर्ष 2024-25 को भगवान बिरसा मुंडा जयंती वर्ष एवं जनजातीय गौरव वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा ‘धरती आबा अभियान’ की शुरुआत की गई, जिसका लक्ष्य देशभर के जनजातीय बाहुल्य ग्रामों को आत्मनिर्भरता और समग्र विकास की दिशा देना है। इस अभियान से देशभर के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 550 से अधिक जिले, 3000 विकासखंड और करीब 1 लाख गाँव जुड़े हैं।

महासमुंद जिले में 308 आदिवासी बाहुल्य ग्रामों का चयन

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में जिले के 5 विकासखंडों के 210 ग्राम पंचायतों के 308 आदिवासी बाहुल्य ग्राम अभियान में शामिल किए गए हैं। इनमें महासमुंद के 25, बागबाहरा के 33, पिथौरा के 210, बसना के 24 और सरायपाली के 16 ग्राम सम्मिलित हैं।प्रशिक्षण से तैयार हुए विकास के कर्मयोगीराज्य स्तर के 6 मास्टर ट्रेनर द्वारा जिले के 50 विकासखंड स्तरीय मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया गया। तत्पश्चात प्रत्येक ग्राम के 5-5 विलेज मास्टर ट्रेनर — जिनमें पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और शिक्षक शामिल हैं — को प्रशिक्षण दिया गया।

कुल 1596 कर्मयोगियों ने अभियान में भाग लिया।इन प्रशिक्षित टीमों ने ग्रामों में जाकर “आदि सहयोगी” और “आदि साथी” समूह बनाए, जिन्होंने गांवों की आवश्यकताओं का आकलन कर ‘विलेज एक्शन प्लान’ तैयार किया।स्थापित हुए 308 आदि सेवा केंद्र प्रत्येक चयनित ग्राम में ‘आदि सेवा केंद्र’ की स्थापना की गई है, जो ग्राम पंचायत या सामुदायिक भवनों में संचालित होंगे।

यह केंद्र सप्ताह में एक दिन, दो घंटे खुलेंगे और एकल खिड़की प्रणाली के तहत ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करेंगे। सभी विवरणों का पंजी भी केंद्र पर संधारित किया जा रहा है।

विजन 2030 के अनुरूप बना विलेज एक्शन प्लान2 अक्टूबर गांधी जयंती पर सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएँ आयोजित कर ‘विजन 2030’ के अंतर्गत विलेज एक्शन प्लान का अनुमोदन किया गया।

सभी 308 ग्रामों के प्लान अभियान की वेबसाइट पर अपलोड किए जा चुके हैं। अब जिला स्तरीय समिति इनका निरीक्षण कर आवश्यक सुधारों के साथ ‘डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान’ तैयार करेगी।

सेवा पर्व के तहत विविध गतिविधियाँ17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक सेवा पर्व के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा कई गतिविधियाँ संचालित की गईं — जिनमें स्वच्छता अभियान, आयुष्मान कार्ड निर्माण, पौधरोपण, पशु टीकाकरण, स्वास्थ्य शिविर, दिव्यांग सहायता शिविर और श्रमिकों को योजनाओं का लाभ प्रदान करना शामिल रहा।

‘आदि कर्मयोगी अभियान’ महासमुंद जिले में जनजातीय समुदाय को आत्मनिर्भरता, सहभागिता और सशक्तिकरण की नई दिशा दे रहा है — जहाँ अब ग्रामीण स्वयं अपने विकास की राह तय कर रहे हैं।


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