कोटा का ऐतिहासिक दशहरा उत्सव: सत्तर वर्षों की परंपरा में उमड़ा जनसैलाब...पढ़े खास खबर। - Sarvavyapi कोटा का ऐतिहासिक दशहरा उत्सव: सत्तर वर्षों की परंपरा में उमड़ा जनसैलाब...पढ़े खास खबर। - Sarvavyapi

कोटा का ऐतिहासिक दशहरा उत्सव: सत्तर वर्षों की परंपरा में उमड़ा जनसैलाब…पढ़े खास खबर।

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करगीरोड (कोटा) / रामनारायण यादव/सर्वव्यापी ब्यूरो/कोटा नगर का दशहरा उत्सव इस बार फिर इतिहास रच गया। सत्तर वर्षों से चली आ रही परंपरा को निभाते हुए नगर दशहरा उत्सव समिति ने भव्य आयोजन किया, जिसमें चलित रावण और कुंभकरण की नगर परिक्रमा और आकर्षक धार्मिक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनीं।पूरे नगर में दशहरे का उल्लास देखने लायक था।

आस-पास के गांवों से भी हजारों श्रद्धालु कोटा पहुंचे और देर रात तक मेले जैसे माहौल में उत्सव का आनंद लिया।

चलित झांकियों ने लूटी महफ़िल समिति द्वारा निकाली गई झांकियों में मोहल्लों की महिलाओं की विशेष भूमिका रही। झांकियों में रामदरबार, माँ पार्वती द्वारा शिवजी का जलाभिषेक, झूपत-झूपत आबे दाई, और सावित्री द्वारा यमराज से निवेदन जैसी पौराणिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

—🏆 पुरस्कार वितरण में झांकियों को मिला सम्मानएम.एम. डब्ल्यू. ग्रुप हटरी चौक द्वारा आयोजित झांकी प्रतियोगिता में —🥇 प्रथम पुरस्कार ₹21,000: माँ पार्वती द्वारा शिवजी को जलाभिषेक🥈 द्वितीय पुरस्कार ₹15,000: झूपत-झूपत आबे दाई🥉 तृतीय पुरस्कार ₹11,000: सावित्री द्वारा यमराज से निवेदनस्थल झांकी पुरस्कार में —🥇 माँ नारायणी दुर्गा उत्सव समिति, डोंगरीपारा🥈 गांधी बाग माता रानी, थाना ग्राउंड🥉 माँ आदिशक्ति दुर्गा उत्सव समिति, बस स्टैंड पुरस्कार वितरण नगर पंचायत अध्यक्ष सरोज दुर्गेश साहू और अन्य अतिथियों ने किया।

भक्ति और उत्साह से सराबोर रहा नगर इस बार माँ चंडी नगर दशहरा उत्सव समिति द्वारा आयोजित जगराता भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बना।कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।वहीं, नगर की दुर्गा उत्सव समितियों में माता के दर्शन और पंडालों में भारी भीड़ रही। समितियों ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण कर उत्सव को और भव्य बनाया।

पुलिस की मुस्तैदी से शांतिपूर्ण रहा आयोजन कोटा पुलिस की सक्रियता से पूरे आयोजन में शांति व्यवस्था बनी रही। टीआई और पुलिस बल हर जगह मुस्तैदी से तैनात रहे। समिति का संकल्प समिति के संचालक फूलचंद अग्रहरि ने बताया कि “कोटा दशहरा उत्सव पिछले सत्तर वर्षों से आस्था, उत्साह और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बना हुआ है। हर साल नगरवासी इस पर्व को पूरे जोश के साथ मनाते हैं।


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