तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के गृह जिला जशपुर जिले से एक बार फिर प्रशासनिक हस्तक्षेप और मनमाने स्थानांतरण का मामला सामने आया है। पत्थलगांव क्षेत्र की विधायक गोमती साय ने लोक निर्माण विभाग के उप अभियंता अखिलेश कुमार वैष्णव के स्थानांतरण आदेश को निरस्त करने की मांग करते हुए शासन को कड़ी चेतावनी दी है।विधायक साय ने लोक निर्माण एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव को लिखे पत्र में कहा है कि वैष्णव एक ईमानदार, कर्मठ और जनहित में हमेशा तत्पर अधिकारी हैं। उनके द्वारा क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना स्वयं जनप्रतिनिधि और आमजन करते रहे हैं। वहीं इनकी पत्नी शिक्षिका के पद पर जिले के कांसाबेल में पदस्थ हैं। ऐसे अधिकारी का अचानक तबादला राजनीतिक दबाव या व्यक्तिगत रंजिश का परिणाम प्रतीत होता है।साय ने पत्र में लिखा है कि वैष्णव ने सीमित संसाधनों में भी निर्माण कार्यों को गति दी है और जनता के बीच उनकी अच्छी छवि बनी हुई है। उनके स्थानांतरण से न केवल विकास कार्य प्रभावित होंगे बल्कि स्थानीय जनता में गहरा असंतोष भी फैल सकता है।उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब कोई अधिकारी ईमानदारी से जनता की सेवा कर रहा है, तो उसका मनोबल तोड़ने वाले आदेश शासन की नीयत पर सवाल उठाते हैं। ऐसे फैसले से प्रशासनिक व्यवस्था में निराशा फैलती है।विधायक गोमती साय ने शासन से तत्काल इस स्थानांतरण आदेश को निरस्त करने और अधिकारी को यथास्थान कार्यरत रखने की मांग की है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पिछले कुछ महीनों से विभागीय तबादलों में सत्ता से जुड़े दबाव बढ़ गए हैं, जिससे फील्ड में काम करने वाले कई अधिकारियों में असंतोष का माहौल है।
स्थानीय जनता भी विधायक की इस मांग का समर्थन कर रही है और इसे “जनहित की आवाज” बता रही है।


