तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ की राजनीति में शनिवार का दिन बड़ा हलचल भरा रहा। पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता ननकी राम कंवर के हाउस अरेस्ट और फिर उनके धरना प्रदर्शन ने सरकार को बैकफुट पर ला दिया है। कंवर के लगातार विरोध और जनता के समर्थन के बीच अब खबर आ रही है कि राज्य सरकार ने कलेक्टर अजीत वसंत को हटाने का आश्वासन दिया है।सूत्रों के अनुसार, प्रशासनिक स्तर पर अब यह लगभग तय माना जा रहा है कि अजीत वसंत का तबादला या तो किसी अन्य जिले में किया जाएगा या उन्हें मंत्रालय में “लूप लाइन” पद पर भेजा जाएगा। इस संबंध में अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंजूरी के बाद ही जारी किया जाएगा।बताया जा रहा है कि पूर्व गृहमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी कद्दावर नेता ननकी राम कंवर लंबे समय से अपने गृह कोरबा जिले में प्रशासनिक कार्यशैली और जनहित से जुड़े मामलों को लेकर आवाज उठा रहे थे। कलेक्टर पर मनमानी और संवेदनहीनता के आरोप लगाते हुए उन्होंने हाल ही में धरना देने की घोषणा की थी, जिसके बाद उन्हें नजरबंद किया गया था।राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा गर्म है कि क्या यह फैसला जनता के दबाव का परिणाम है या फिर सरकार ने अपने भीतर की खींचतान को शांत करने के लिए यह कदम उठाया है।फिलहाल इतना तय है कि कंवर के आंदोलन ने सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया है, और अब पूरा प्रदेश यह देखने को बेताब है कि कलेक्टर अजीत वसंत की कुर्सी कब डोलेगी।


