तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
बिलासपुर शहर में नगर निगम क्षेत्र और अन्य नगरीय निकायों में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली और योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही कमियों को देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल को सिर्फ दो घंटे का विशेष निरीक्षण करना चाहिए,यह हम नहीं बल्कि बिलासपुर वासियों का कहना है। कलेक्टर संजय अग्रवाल बिलासपुर में लगातार छह वर्ष तक बिना विवाद के जिला मुख्यालय का एसडीएम रहे चुके हैं और इन्हें बिलासपुर की भौगोलिक स्थिति पता है। लोगों का कहना है कि कलेक्टर संजय अग्रवाल को बिलासपुर निगम क्षेत्र के तमाम वार्डों की सड़कों की स्थिति, जल आपूर्ति, सफाई, पार्क और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का जायजा लेना चाहिए । जिससे कलेक्टर शहर की वास्तविक समस्याओं को समझकर केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू कर सके।लोगों का कहना है कि यह दौरा केवल औपचारिक निरीक्षण नहीं, बल्कि प्रशासन को सुधारात्मक कदम उठाने और जनता तक योजनाओं का सही लाभ पहुंचाने में मदद करेगा।नगर निगम क्षेत्र में कागज पर स्मार्ट सिटी का स्वरूप तो मौजूद है, लेकिन कलेक्टर के निरीक्षण से स्पष्ट होगा कि जमीनी हकीकत में कई मुद्दे हैं, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर सुधारने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा आगामी कलेक्टर समीक्षा बैठक में इस दौरे के निष्कर्ष और समाधान पर चर्चा होने की संभावना बनेगी, जिससे बिलासपुर के नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलने की उम्मीद बढ़ेंगी।
निश्चित रूप से इस दिशा में कलेक्टर संजय अग्रवाल को निगम के आईएएस आयुक्त अमित कुमार के साथ बिना सूचना दिए ,इस दिशा की ओर बढ़ने की आवश्यकता है। जिससे जनता भी कलेक्टर और आयुक्त की कार्यप्रणाली को लेकर संतृष्ट दिखे।


