नूर मोहम्मद/ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही/ (सर्वव्यापी)

जिले में शिक्षा विभाग की टीम द्वारा प्राथमिक से उच्चतर माध्यमिक स्तर तक स्कूलों का निरीक्षण जारी है। जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी और उनकी टीम ने निरीक्षण में कई कमियों की पहचान की और सुधार के लिए कड़े निर्देश जारी किए। स्कूल शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में निरीक्षण रिपोर्ट का गहन विश्लेषण किया गया।
-:मंत्री के निर्देश-:
1. उपस्थिति और प्रशिक्षण सभी शिक्षक नियमित रूप से शाला में उपस्थित रहें पूर्व प्रशिक्षण का उपयोग सही ढंग से किया जा रहा है या नहीं, इसकी निगरानी हो।
2. प्राथमिक शिक्षा कक्षा 1 से 3 के बच्चों को पढ़ना-लिखना, भाषा और गणित में दक्ष बनाया जाए। विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और सामान्य ज्ञान की भी जांच हो।
3. पाठ्यसामग्री का उपयोग कक्षा 4 से 8 के बच्चों को नई पाठ्यपुस्तक और वर्कबुक का नियमित उपयोग कराया जाए।4. मूल्यांकन और परिणाम इकाई मूल्यांकन और त्रैमासिक परीक्षा के परिणाम 95% से कम होने पर पुनर्मूल्यांकन किया जाए।
5. सुविधाएं और स्वच्छता पेयजल और शौचालय की कमी तुरंत पूरी की जाए।
6. मध्यान्ह भोजन निर्धारित मेन्यू का पालन अनिवार्य, बच्चों को हाथ धोकर खाने की आदत डाली जाए, और “न्योता भोजन योजना” को बढ़ावा दिया जाए।
7. सुरक्षा और अनुशासन बच्चों की सुरक्षित प्रवेश-निकास सुनिश्चित की जाए बारिश के दौरान सड़क पर सुरक्षित मार्ग से ले जाया जाए।
बोर्ड परीक्षाओं पर विशेष ध्यान कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए विषयवार अध्यापन, इकाई मूल्यांकन और तिमाही परीक्षा का विश्लेषण सुनिश्चित किया जाए। शिक्षक की कमी होने पर DTH, SCERT पीएमई चैनल और दीक्षा पोर्टल से पढ़ाई कराई जाएगी।
शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार योजना जिला और शाला स्तर पर कार्ययोजना व ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है। DRG समूहों के माध्यम से शिक्षकों को नई तकनीक और पद्धतियों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बच्चों को ABCD समूहों में बांटकर पढ़ाई कराई जा रही है।
सख्ती और चेतावनी निरीक्षण के बाद शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समय पर सुधार न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों और शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि शासन की प्राथमिकता बच्चों का भविष्य है और इसके लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।


