विकास नंद/ सर्वव्यापी/

महासमुंद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार 10 अक्टूबर से 12 अक्टूबर 2025 तक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरपुर में जिला स्तरीय जूनियर रेडक्रॉस प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। आदेश में सभी पंजीकृत संस्थाओं के जूनियर रेडक्रॉस प्रभारी शिक्षकों की अनिवार्य उपस्थिति के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि शिविर की प्रारंभिक तिथि 10 अक्टूबर को पड़ रही है, जो हिंदू धर्म का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व करवाचौथ है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखती हैं और पारंपरिक पूजा-अर्चना करती हैं।
ऐसे में महिला शिक्षकों और प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण में उपस्थित रहने का आदेश कई शिक्षकों द्वारा असंवेदनशील और असमय बताया जा रहा है।
शिक्षक संघ के कुछ सदस्यों ने कहा कि प्रशासन को धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के पर्वों का ध्यान रखते हुए प्रशिक्षण की तिथियों का निर्धारण करना चाहिए।
करवाचौथ के दिन सुबह से व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए तीन दिन का प्रशिक्षण शिविर चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।वहीं, शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों में समाज सेवा और स्वास्थ्य चेतना को बढ़ावा देना है और सभी संबंधितों की उपस्थिति जरूरी है।
शिक्षकों की शासन से अपील
करवाचौथ के दिन (10 अक्टूबर) प्रशिक्षण कार्यक्रम से महिला कर्मचारियों को छूट दी जाए या प्रशिक्षण की तिथि में आवश्यक संशोधन किया जाए, जिससे धार्मिक आस्था और प्रशासनिक दायित्व दोनों के बीच संतुलन बना रहे।
जनता और शिक्षकों की राय है कि धार्मिक परंपराओं के सम्मान के साथ ही शासन की नीतियों को लागू किया जाना चाहिए।


