तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
दंतेवाड़ा जिले के किरन्दुल समाजसेवी प्रवेश कुमार जोशी द्वारा पी.जी. पोर्टल के माध्यम से आदिवासी क्षेत्रों में एनीमिया के उच्च प्रसार को लेकर की गई शिकायत पर प्रशासन ने त्वरित और सकारात्मक कार्यवाही करते हुए “एनीमिया मुक्त दंतेवाड़ा” अभियान का शुभारंभ किया है। इस अभियान के तहत जिले के आदिवासी अंचलों में एनीमिया की स्क्रीनिंग एवं उपचार की व्यवस्था की जा रही है। जोशी ने इस तत्परता के लिए छत्तीसगढ़ शिकायत निवारण विभाग, जिला कलेक्टर महोदय एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल एक प्रयास की सफलता है, बल्कि पूरे आदिवासी समुदाय के स्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जोशी ने प्रशासन से अपील की है कि इस प्रकार के स्वास्थ्य जागरूकता शिविरों का आयोजन निरंतर किया जाए, विशेषकर दूरस्थ आदिवासी गांवों में। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि एनीमिया के साथ-साथ एड्स जैसी गंभीर बीमारियों के प्रति भी जागरूकता, बचाव और सुरक्षा संबंधी अभियान चलाए जाएं। उनका मानना है कि ऐसे प्रयासों से न केवल बीमारियों की रोकथाम संभव होगी, बल्कि आदिवासी समुदाय को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक और सशक्त बनाया जा सकेगा। प्रवेश कुमार जोशी ने कहा कि प्रशासन का यह संवेदनशील और सक्रिय रवैया आदिवासी समुदाय के प्रति प्रेम और ध्यान को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इसी तरह की पहलें निरंतर होती रहें, तो आदिवासी अंचल में स्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक नया अध्याय लिखा जा सकता है। दंतेवाड़ा प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को इस सराहनीय कार्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं।


