सर्वव्यापी ब्यूरो/ सक्ती/
सक्ती जिले में स्थित आरकेएम पावर प्लांट में मंगलवार शाम को काम करने वाले 10 मजदूरों के बड़ी दुर्घटना घटित हो गई है,प्लांट के बॉयलर की मरम्मत कार्य में लगे 10 मजदूरों की लिफ्ट टूटकर गिरने 4 मजदूरों की मौत हो गई है वहीं 6 लोग अब भी जिंदगी ओर मौत से लड़ रहे है मजदूरों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले लापरवाह प्लांट प्रबंधन के खिलाफ पुलिस ने अपराधिक मामला दर्ज कर लिया है वहीं कलेक्टर ने इसे बड़ी लापरवाही मानते हुए मजिस्ट्रियल जांच के लिए टीम गठित की है जिसमें डभरा एसडीएम 30 दिवस के अंदर पूरे घटना की जांच कर इसके पीछे की असल वजह ओर जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्यवाही की अनुशंसा करेंगे फिलहाल पुलिस ने प्लांट के मालिक सहित प्लांट प्रबंधन के 8 अधिकारियों के खिलाफ बीएनएस के तहत धारा 106(1),289,एवं3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है।Rkm प्लांट मे मृतहोने वालो का नामअंजनी कन्नौजिया पिता सिंहनाथ उम्र – 35 वर्ष सा. पोखरा सोनभद्र उ. प्र.,,मिश्री लाल देवांगन पिता मोहरसाय उम्र – 49 वर्ष सा. बजिया सोनभद्र उ.प्र.,,बबलु गुप्ता पउम्र 28 वर्ष सा . उ.प्र.,,रविन्दर रवि पिता कृष्ण राम उम्र 36 वर्ष सा. रामबांध पोस्ट कोसियार थाना हैदरनगर जिला पलामु झारखण्डघायलों के नाम,,विजय सिंह 32वर्षसोनभद्र उत्तरप्रदेश,रामसिंह 27 वर्षसोनभद्र उत्तरप्रदेशसंजय कुमार 22 वर्ष सोनभद्र उत्तरप्रदेशरामकेश 26 वर्ष सोनभद्र उत्तरप्रदेशबलराम 38 वर्ष सोनभद्र उत्तरप्रदेशरतन सिंह 34 वर्ष सोनभद्र उत्तरप्रदेश*पूरे मामले में पुलिस का एक्शन*पूरे मामले में सक्ती एसपी अंकिता शर्मा के निर्देश पर 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है पुलिस ने बताया कि दिनांक 07.10.2025 को आर.के.एम. पावर प्लांट, डभरा स्थित बॉयलर सेक्शन में लिफ्ट टूटकर गिर जाने से लगभग 10 श्रमिक घायल हो गए थे। सभी घायलों को तत्काल उपचार हेतु जिंदल फोर्टिस अस्पताल, रायगढ़ में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान चार श्रमिकों की मृत्यु हो गई।घटना की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए सक्ती पुलिस द्वारा स्थल पर तत्काल पहुँचकर निरीक्षण किया गया तथा प्रारंभिक विवेचना उपरांत आर.के.एम. पावर जेनरेशन कंपनी के निदेशकों एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध गंभीर लापरवाही एवं सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के प्रकरण में अपराध दर्ज किया गया है।प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 106(1), 289 एवं 3(5) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।अभियुक्तों में— 1. कंपनी की ओनर / डायरेक्टर डॉ. अंडल अरमुगम 2. डायरेक्टर टी.एम. सिंगरवेल 3. प्लांट हेड एवं एडिशनल डायरेक्टर (नाम दर्ज किया जाना है) 4. फैक्ट्री मैनेजर सम्मुख राव 5. बॉयलर एवं टर्बाइन मेंटेनेंस हेड कमलेश कुमार अग्रवाल 6. सेफ्टी ऑफिसर मनोज राउत 7. पी एंड एम मेंटेनेंस अधिकारी वेसलीमणि 8. लिफ्ट इंजीनियर कृष्णा गौरवतथा अन्य जिम्मेदार अधिकारी शामिल हैं।घटना के बाद से सक्ती पुलिस द्वारा पीड़ित परिजनों की देखरेख, आवश्यक सहायता, एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस बल सुबह से ही प्लांट परिसर में तैनात रहा।पुलिस अधीक्षक सक्ती द्वारा मामले की गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं। दोषी पाए जाने पर उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।*कलेक्टर ने मजिस्ट्रियल जांच के लिए दिए आदेश* कलेक्टर ने मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए है जिसके अनुसार मेसर्स आर.के.एम. पावजेन प्राईवेट लिमिटेड, ग्राम उच्चपिंडा, पोस्ट घुरकोट, तहसील डभरा जिला सक्ती (छ०ग०) में दिनांक 07.10.2025 समय लगभग रात्रि 08:00 बजे घटी प्राणांतक दुर्घटना में 04 श्रमिकों की मृत्यु एवं 06 श्रमिकों के घायल होने की सूचना प्राप्त हुई। दुर्घटना में श्रमिकों की मृत्यु एवं घायल होने की घटना की जांच हेतु अमृत विकास तोपनो जिला दण्डाधिकारी जिला सक्ती (छ.ग.) दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 176 (1) में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए, कलेक्टर ने जांच करने का आदेश जारी किया है जिसमें निम्न बिन्दुओं पर जांच के लिए अनुविभागीय दण्डाधिकारी, डभरा जिला सक्ती को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है -01. घटना कब और कैसे घटित हुई?02. घटना दिनांक को घटना स्थल पर कौन-कौन मजदूर कार्यरत थे एवं घटना में किन-किन मजदूरों की मृत्यु हुई तथा कौन-कौन मजदूर घायल हुये ?03. उन परिस्थितियों के कारण जिनके फलस्वरूप घटना घटित हुई थी?04. सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा जिला- जांजगीर चांपा / सक्ती द्वारा मेसर्स आर.के.एम. पावजेन प्राईवेट लिमिटेड, ग्राम उच्चपिंडा, पोस्ट घुरकोट, तहसील डभरा जिला सक्ती (छ०ग०) में उत्पादन प्रारंभ होने से लेकर घटना दिनांक तक कब-कब निरीक्षण किया गया है? क्या निरीक्षण में कोई खामियां पायी गई है, यदि हां तो क्या कार्यवाही की गई?05. उक्त घटना घटित होने का कारण तकनीकी या मानवीय क्या कारण है?06. उक्त घटना घटित होने के लिए कौन जिम्मेदार हैं?07. भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटना न हो, इस हेतु रोकथाम के उपाय एवं सुझाव।08. अन्य कोई बिन्दु जिन पर जांच अधिकारी अभिमत देना उचित समझें।जांचकर्ता अधिकारी को 30 दिन के भीतर जांच पूर्ण कर अपना जांच प्रतिवेदन अधोहस्ताक्षरकर्ता को प्रस्तुत करने आदेश किया गया है।


