बिलासपुर/ तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
राज्य में लगातार बढ़ते औद्योगिक हादसों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना बिलासपुर इकाई ने आज सहायक श्रम आयुक्त बिलासपुर से मुलाकात की और औद्योगिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग रखी।संगठन के जिला संयोजक अनिल कुमार पाली ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में आये दिन हो रहे हादसों से स्पष्ट होता है कि कंपनियों द्वारा सुरक्षा नियमों की गंभीर अवहेलना की जा रही है। मजदूरों को सुरक्षा उपकरण जैसे हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, दस्ताने, मास्क आदि पर्याप्त रूप से नहीं दिए जा रहे हैं। कई कंपनियों में प्राथमिक उपचार केंद्र तक उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते मामूली घटनाएँ भी गंभीर हादसे का रूप ले लेती हैं।जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अध्यक्ष शैलू ठाकुर ने कहा कि श्रम विभाग की जिम्मेदारी है कि वह समय-समय पर निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करे कि उद्योगों में सुरक्षा के सभी मानकों का पालन किया जा रहा है। परंतु वर्तमान में निरीक्षण केवल कागजों तक सीमित रह गया है। यदि विभाग अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से नहीं निभाएगा तो मजदूरों की सुरक्षा खतरे में बनी रहेगी।मुलाकात के दौरान संगठन ने सहायक श्रम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर निम्नलिखित मांगें रखीं—सभी उद्योगों में सुरक्षा उपकरणों की अनिवार्य उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।उद्योगों में कार्यरत मजदूरों के लिए आपातकालीन चिकित्सा सुविधा और प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित किए जाएँ।श्रम विभाग द्वारा प्रत्येक उद्योग का नियमित निरीक्षण किया जाए और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।हादसों के लिए जिम्मेदार कंपनियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए।संगठन के पदाधिकारी मुकेश यादव ने कहा कि यदि उद्योग प्रबंधन ने जल्द ही सुरक्षा मानकों को लागू करने के ठोस कदम नहीं उठाए, तो छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना बिलासपुर में बड़ा आंदोलन शुरू करेगी। संगठन मजदूरों की जान की कीमत पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा।उन्होंने स्पष्ट कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पर मजदूर ही विकास की रीढ़ हैं, और उनके जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। संगठन मजदूरों के हक, सम्मान और सुरक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा।


