विकास नंद/ सर्वव्यापी/

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन और विकास की दिशा में राज्य सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में सरायपाली नगर की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या के समाधान हेतु एक ऐतिहासिक पहल की गई है।
मिशन अमृत 2.0 (अटल शहरी नवीकरण एवं परिवर्तन मिशन 2.0) योजना के अंतर्गत सरायपाली जल प्रदाय योजना के लिए ₹13955.04 लाख (5 वर्षों के संचालन एवं संधारण सहित) की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।यह स्वीकृति भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा गठित राज्य स्तरीय तकनीकी समिति की 20वीं बैठक में दी गई।
योजना के पूर्ण होने पर सरायपाली नगर में वर्षों से बनी पेयजल की गंभीर समस्या से आमजन को स्थायी राहत मिलेगी।
इस परियोजना के अंतर्गत आधुनिक तकनीक से जल आपूर्ति नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे प्रत्येक वार्ड और घर तक शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
जनप्रतिनिधियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अधोसंरचना विकास और जनकल्याण के कार्यों में अभूतपूर्व तेजी आई है। उन्होंने कहा कि मिशन अमृत 2.0 योजना के तहत मिली यह स्वीकृति न केवल सरायपाली के विकास में मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर में भी सुधार लाएगी।
नगर के भाजपा पदाधिकारियों, पार्षदों, वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों तथा गणमान्य नागरिकों ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए साय सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।
सभी ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जनता की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति है, और यह निर्णय उसी दिशा में एक ठोस कदम है।
इस स्वीकृति से अब सरायपाली नगर की पेयजल व्यवस्था में क्रांतिकारी सुधार की उम्मीद है।
जनप्रतिनिधियों ने विश्वास जताया कि परियोजना के पूरा होने के बाद सरायपाली नगर पेयजल संकट से पूर्णतः मुक्त होकर एक विकसित और स्वस्थ नगर के रूप में उभरेगा।


