तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दो दिवसीय कलेक्टर–एसपी कांफ्रेंस के बाद अब शासन-प्रशासन में एक नई हलचल शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री की सख्त नसीहत और फटकार के बाद अब मुख्य सचिव विकास शील विभागीय सचिवों की समीक्षात्मक बैठक लेने जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक यह बैठक मंत्रालय स्तर पर होगी, जिसमें विभागीय योजनाओं की प्रगति, लंबित फाइलें, और जिलों में क्रियान्वयन की स्थिति पर बारीकी से समीक्षा की जाएगी।इधर, अगले कुछ दिनों में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह भी बैठक लेंगे। बताया जा रहा है कि इस बार प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सिर्फ मंत्रालय में बैठकर समीक्षा नहीं करेंगे, बल्कि संभाग स्तरीय बैठकें आयोजित करेंगे। वे सीधे मैदानी अफसरों से संवाद करेंगे और योजनाओं के धरातलीय क्रियान्वयन की स्थिति का आकलन करेंगे।विभागीय सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री की कांफ्रेंस में कई जिलों के कलेक्टरों और एसपी की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष जाहिर किया गया था। मुख्यमंत्री ने साफ कहा था कि “कागज़ी प्रगति अब नहीं चलेगी, ज़मीनी नतीजे चाहिए।” इसी के बाद प्रशासनिक स्तर पर लगातार सख्ती के संकेत मिल रहे हैं।मुख्य सचिव विकास शील की यह बैठक न केवल विभागीय जवाबदेही तय करेगी बल्कि आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर अधिकारियों के फेरबदल की भूमिका भी तैयार कर सकती है। मुख्यमंत्री सचिवालय की रणनीति साफ है , काम करने वाले रहेंगे, टालमटोल करने वालों की अब खैर नहीं।


