विकास नंद/ सर्वव्यापी/
माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ द्वारा पारित अंतरिम आदेश एवं छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशों के अनुरूप जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
कलेक्टर विनय लंगेह के निर्देशानुसार खनिज विभाग की टीम ने आज ग्राम केडियाडीह (तहसील महासमुंद) स्थित महानदी तट का निरीक्षण किया।
इस दौरान रेत के अवैध उत्खनन के लिए बनाए जा रहे एक निर्माणाधीन रैंप को चिन्हित कर तत्काल ध्वस्त कर दिया गया।
खनिज अधिकारी योगेन्द्र सिंह ने जानकारी दी कि बिना अनुमति खनिजों का उत्खनन, परिवहन या भंडारण करना खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है, जिसमें दो से पांच वर्ष की सजा का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।सभी खनिज पट्टेदारों एवं परिवहनकर्ताओं को पूर्व में ही निर्देशित किया गया है कि बिना वैध अभिवहन पास के खनिज संबंधी कोई गतिविधि पूरी तरह से प्रतिबंधित है।जिले में अवैध खनन पर प्रभावी रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत खनिज विभाग की टीमें लगातार निगरानी और कार्रवाई में जुटी हैं। प्रशासन का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित करना है।


