विकास नंद/ सर्वव्यापी/
1 नवंबर को छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर इस वर्ष रजत जयंती मना रहा है। प्रदेशभर में विकास की उपलब्धियों, सांस्कृतिक गौरव और जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ नक्सल मुक्त प्रदेश की श्रेणी में कदम रखने जा रहा है जिसके कारण उत्सव का माहौल है।
इसी अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन की तैयारियां जोरों पर हैं। राजधानी रायपुर में भव्य राज्योत्सव समारोह का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश के विकास यात्रा की झलक प्रदर्शित होगी।प्रधानमंत्री के इस विशेष दौरे को लेकर जनता में जहां उत्साह है,
वहीं लोगों के मन में कई सवाल भी उठ रहे हैं — क्या जनप्रतिनिधि इस 25 वर्षों के पड़ाव पर जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतर पाए हैं? क्या ग्रामीण अंचलों तक विकास की रोशनी पहुँची है, या यह उत्सव सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाएगा?
रजत जयंती वर्ष पर राज्य सरकार और जनप्रतिनिधियों के लिए यह अवसर आत्ममंथन का भी है।
शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और उद्योग के क्षेत्र में हुई प्रगति पर चर्चा के साथ, आने वाले 25 वर्षों के लिए नई दिशा तय करने का यह निर्णायक क्षण है।
जनता अब उम्मीद कर रही है कि प्रधानमंत्री के संदेश के साथ-साथ प्रदेश के जनप्रतिनिधि भी जनता से किए वादों की समीक्षा करें और छत्तीसगढ़ को “नवा छत्तीसगढ़” के रूप में आगे ले जाने की ठोस रूपरेखा प्रस्तुत करें।


