विकास नंद/ सर्वव्यापी/

सरायपाली विकास खंड के शासकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सिरबोड़ा में शनिवार को एक दिवसीय पिकनिक सह शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों, शिक्षकों और पालकों ने मिलकर मैत्री बाग, भिलाई और रायपुर के विभिन्न स्थलों का भ्रमण किया। यह कार्यक्रम केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रहा, बल्कि बच्चों के ज्ञान, संस्कृति और अनुभव के विस्तार का भी एक अनोखा अवसर बना।
भ्रमण का आयोजन विद्यालय प्रबंधन समिति के आग्रह पर तथा संस्था प्रमुख हीरालाल साहू के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के सह संज्ञानात्मक विकास के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, सभ्यता और पर्यावरण संरक्षण की भावना को सजीव करना था।
पहला पड़ाव – जैन मंदिर, कुम्हारी भ्रमण की शुरुआत जैन मंदिर, कुम्हारी से हुई। यहां बच्चों ने धार्मिक और नैतिक शिक्षा का अनुभव प्राप्त किया। शिक्षक धर्मेन्द्रनाथ राणा ने जैन धर्म के तीर्थंकरों और उनके उपदेशों के बारे में बताया। उन्होंने बच्चों को अहिंसा, सत्य, संयम और आत्मशुद्धि के महत्व से अवगत कराया। बच्चों ने इस अवसर को ध्यानपूर्वक सुना और इसे अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
दूसरा पड़ाव – मैत्री बाग, भिलाई जैन मंदिर के दर्शन के बाद बच्चों ने भिलाई निवासी कमल भोई और सुरेखा भोई के परिवार द्वारा व्यवस्थित स्वादिष्ट भोजन का आनंद लिया। इसके बाद सभी मैत्री बाग भिलाई पहुँचे, जहां बच्चों ने प्रत्यक्ष रूप से विभिन्न जंगली जानवरों को देखा। शिक्षकों महेश कुमार साहू, दिनेश कश्यप और धर्मेन्द्रनाथ राणा ने बच्चों के सवालों का उत्तर देते हुए उनके ज्ञान में वृद्धि की।मैत्री बाग की हरियाली, स्वच्छ वातावरण और शांत जलाशयों ने बच्चों के मन को मोह लिया।
इस दौरान उन्हें प्रकृति के महत्व और पर्यावरण संरक्षण की अहमियत का भी अनुभव हुआ।सांस्कृतिक प्रस्तुति ने मोहा सबका मन भ्रमण का एक विशेष आकर्षण बच्चों द्वारा प्रस्तुत सुआ नृत्य रहा। पारंपरिक वेशभूषा में बालिकाओं की प्रस्तुति ने सभी उपस्थित लोगों का मन मंत्रमुग्ध कर दिया। यह प्रस्तुति बच्चों की प्रतिभा, अनुशासन और सांस्कृतिक समझ का उत्कृष्ट उदाहरण रही।
प्रतिक्रिया और आभार विद्यार्थियों ने इस भ्रमण को अविस्मरणीय अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से उन्हें बहुत कुछ नया सीखने और देखने को मिला। विद्यालय प्रबंधन समिति और शिक्षकों के प्रति उन्होंने हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की।
समापन अवसर पर संस्था प्रमुख हीरालाल साहू ने सभी सहयोगियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह भ्रमण बच्चों के मन में सीखने की जिज्ञासा, संस्कार और संस्कृति के प्रति सम्मान को और गहरा करने वाला रहा। भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे।
भ्रमण ने बच्चों को न केवल आनंद दिया बल्कि जीवन, प्रकृति और समाज के प्रति एक नई दृष्टि भी विकसित की। यह यात्रा वास्तव में ‘सीख के साथ सैर’ का प्रेरणादायी उदाहरण साबित हुई।


