प्रमोटी आईएएस अफसर ने नहीं मानी सीएम के सचिव की बात आदेश में नहीं हुआ बदलाव... पढ़ें पूरी खबर। - Sarvavyapi प्रमोटी आईएएस अफसर ने नहीं मानी सीएम के सचिव की बात आदेश में नहीं हुआ बदलाव... पढ़ें पूरी खबर। - Sarvavyapi

प्रमोटी आईएएस अफसर ने नहीं मानी सीएम के सचिव की बात आदेश में नहीं हुआ बदलाव… पढ़ें पूरी खबर।

Share Now

तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक चौंकाने वाला मामला चर्चा में है। मुख्यमंत्री सचिवालय से जुड़े एक वरिष्ठ सचिव स्तर के अधिकारी द्वारा दिए गए मौखिक निर्देश को नजरअंदाज करते हुए एक प्रमोटी आईएएस कलेक्टर ने अपनी आदेश संशोधन की जगह बदलने से साफ इंकार कर दिया। हैरानी की बात यह है कि मुख्यमंत्री सचिवालय से आदेश आने के बाद भी स्थानांतरण सूची में कोई संशोधन नहीं किया गया, जिससे साफ झलकता है कि इस बार कलेक्टर सचिव से बड़ा साबित हुआ।विभागीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाल ही में हुए एक सामान्य प्रशासनिक स्थानांतरण में प्रदेश के एक कलेक्टर द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र में कर्मचारियों का स्थानांतरण किया था, जिस पर मुख्यमंत्री के एक सचिव ने मौखिक रूप से उस आदेश में संशोधन रने के निर्देश दिए थे। लेकिन फाइल पर कोई कार्यवाही नहीं हुई और सचिवालय के आदेश को भी अनदेखा कर दिया गया।इस पूरे प्रकरण ने प्रशासनिक अनुशासन और शक्ति संतुलन पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर मुख्यमंत्री के सचिव का निर्देश सर्वोच्च माना जाता है, परंतु इस मामले में कलेक्टर की स्थिति इतनी मजबूत दिखाई दी कि सचिवालय के आदेश भी बेखबर होकर रह गए।राजनीतिक हलकों में इस मामले को लेकर चर्चा है कि उक्त कलेक्टर को स्थानीय राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते सचिव स्तर तक के अधिकारी भी असहाय महसूस कर रहे हैं। वहीं, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी इसे प्रशासनिक मर्यादा का उल्लंघन मानते हुए कहते हैं कि अगर सचिवालय का निर्देश भी प्रभावहीन हो गया है, तो यह शासन-प्रणाली के लिए गंभीर संकेत है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री स्वयं इस पूरे मामले में क्या रुख अपनाते हैं और क्या वे अपने सचिव के निर्णय का सम्मान कर प्रशासनिक अनुशासन बहाल करेंगे, या कलेक्टर की इस अघोषित ताकत के आगे शासन झुक जाएगा?


Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!