विकास नंद/सर्वव्यापी/
महासमुंद जिले के सरायपाली विकासखण्ड के ग्राम बलोदा में तीन युवकों की आकस्मिक मृत्यु के बाद राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। जहां कांग्रेस इस घटना को लेकर सरकार पर निशाना साध रही है, वहीं वरिष्ठ भाजपा नेत्री पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष एवं महिला मोर्चा की प्रदेश प्रभारी सरला कोसरिया ने कांग्रेस पर तीखा पलटवार करते हुए इसे “राजनीतिक साज़िश” करार दिया है।
कोसरिया ने कहा कि “स्थानीय विधायक चातुरी नंद इस पूरे मामले को सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रही हैं। बिना किसी प्रमाण और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के यह कहना कि मौतें जहरीली शराब से हुई हैं, पूरी तरह गैरजिम्मेदाराना बयानबाज़ी है।”उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि विपक्ष अफवाहों के आधार पर सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। “शराबबंदी का झांसा देकर सत्ता में आई कांग्रेस आज इस विषय पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं रखती। जिनके शासनकाल में अवैध शराब का कारोबार फला-फूला, वे अब नैतिकता की बात कर रहे हैं यह जनता भलीभांति समझती है,”
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर लगाया अफवाह फैलाने का आरोप।
भाजपा बलोदा मंडल अध्यक्ष नीलाम्बर तांडी ने इसे “सस्ती राजनीति का असफल प्रयास” बताया। वहीं वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष विपिन उबोवेजा ने कहा कि “अब तक ना तो पीएम रिपोर्ट आई है और ना ही कोई सबूत मिले हैं कि मृतकों की मौत शराब से हुई है। विपक्ष केवल अफवाहों के सहारे राजनीतिक रोटियां सेंक रही है।
”कोसरिया ने स्पष्ट किया कि प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और सच्चाई बहुत जल्द सामने आ जाएगी। “सरकार पारदर्शिता के साथ कार्य कर रही है। किसी निर्दोष को फंसाने या किसी राजनीतिक दबाव में आने का सवाल ही नहीं उठता,” उन्होंने कहा।
जांच में जुटी पुलिस व राजस्व विभाग की टीम प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, बलोदा गांव में हुई इन आकस्मिक मौतों के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम जांच में जुटी है।
बलोदा की इस घटना को लेकर जहां कांग्रेस सरकार पर हमला बोल रही है, वहीं भाजपा नेत्री सरला कोसरिया ने इसे “राजनीतिक साजिश” बताया है और कहा है कि “सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।”


