जनसेवा में गति, कार्य में क्षमता बढ़ाने हेतु हिंदी विश्वविद्यालय में कर्मयोगी प्रशिक्षण कार्यशाला। - Sarvavyapi जनसेवा में गति, कार्य में क्षमता बढ़ाने हेतु हिंदी विश्वविद्यालय में कर्मयोगी प्रशिक्षण कार्यशाला। - Sarvavyapi

जनसेवा में गति, कार्य में क्षमता बढ़ाने हेतु हिंदी विश्वविद्यालय में कर्मयोगी प्रशिक्षण कार्यशाला।

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तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा महाराष्ट्र में भारत सरकार की मिशन कर्मयोगी पहल के तहत शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए एक राष्‍ट्रीय कर्मयोगी कार्यशाला का आयोजन महादेवी वर्मा सभागार में किया जा रहा है। इसके अंतर्गत बुधवार 29 अक्‍टूबर को शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। विश्‍वविद्यालय की ओर से कर्मयोगी प्रशिक्षण के लिए साहित्‍य विद्यापीठ के अधिष्‍ठाता प्रो. अवधेश कुमार, सॉफ्टवेअर एसोशिएट के. के. त्रिपाठी एवं सहायक संपादक डॉ. अमित कुमार विश्‍वास को राजस्‍थान केंद्रीय विश्‍वविद्यालय भेजा गया था, जो विश्‍वविद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। राष्‍ट्रीय कर्मयोगी एक वृहद जनसेवा कार्यक्रम है जिसमें सेवाभाव और सहानुभूति से कार्य करने का प्रशिक्षण दिया जाता है। 16 अक्‍टूबर को शिक्षक और कर्मचारियों के प्र‍थम समूह को, 29 अक्‍टूबर को द्वितीय समूह को एवं 30 अक्‍टूबर को तृतीय समूह को प्रशिक्षण दिया गया। जिससे विकसित भारत के लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने की दिशा में गति आ सकती है।कर्मचारियों में आत्‍मविश्‍वास पैदा करने के साथ-साथ ज्ञान और दक्षता विकसित करना, स्‍वयं का विस्‍तार करना तथा समूह के साथ सामंजस्‍य स्‍थापित करना आदि विषय को लेकर दिए गये प्रशिक्षण से कार्य की गति और गुणवत्ता बढ़ाने में यह प्रशिक्षण सार्थक सिद्ध हो रहा है। यह iGOT कर्मयोगी (Integrated Government Online Training) नामक एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रदान किया जाता है, जिसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों के कौशल और क्षमताओं को बढ़ाना है ताकि वे बेहतर और प्रभावी सेवा प्रदान कर सकें। इस प्लेटफॉर्म पर विभिन्न प्रकार के स्व-गति वाले पाठ्यक्रम, वेबिनार और सहकर्मी-शिक्षण के अवसर उपलब्ध हैं। इसे सितंबर 2020 में शुरू किया गया था और इसका लक्ष्य एक ऐसे नागरिक-केंद्रित सिविल सेवा का निर्माण करना है जो नागरिकों की बढ़ती अपेक्षाओं को पूरा करने में सक्षम हो। इसके लिए एक मजबूत डिजिटल प्लेटफॉर्म, iGOT कर्मयोगी, का उपयोग किया जाता है, जो अधिकारियों को ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रशिक्षण प्रदान करता है। कार्यक्रम का उद्देश्‍य कर्मचारियों के दृष्टिकोण, कार्यक्षमता और नैतिक मूल्‍यों को सुदृढ़ करना है, ताकि उनके व्‍यक्तिगत लक्ष्‍य विश्‍वविद्यालय के और देश के विकास दृष्टिकोण के अनुरूप बन सकें। इस कार्यक्रम में संज्ञानात्‍मक परिवर्तन, नेतृत्‍व, टीम भावना, नैतिकता और सेवा उत्‍कृष्‍टता जैसे विषयों पर संवादात्‍मक सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों में बताया कि इस प्रशिक्षण से उनकी कार्य प्रेरणा,उद्देश्‍य भावना और संगठनात्‍मक जुड़ाव में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।


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