नूर मोहम्मद /गौरेला पेंड्रा मरवाही/ (सर्वव्यापी)
टीकर कला से ज्योतिपुर बायपास रोड की हालत इन दिनों बेहद खस्ता हो चुकी है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे सड़क की पहचान बन गए हैं। कोयला से भरे भारी वाहनों की तेज रफ्तार परिचालन से सड़क पूरी तरह डस्ट रोड में तब्दील हो चुकी है। उड़ती धूल से आसपास के घरों में रहने वाले लोग सांस संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं, वहीं राहगीरों के लिए भी यह सड़क किसी मुसीबत से कम नहीं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह क्षेत्र घनी आबादी वाला है,बावजूद इसके यहाँ तेज रफ्तार पर रोक लगाने के लिए कोई चेतावनी या दिशा-निर्देश बोर्ड नहीं लगाया गया है। तेज गति से गुजरते भारी वाहनों के कारण आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में इस सड़क पर तेज रफ्तार हैवी वाहनों की चपेट में आकर चार से पाँच लोगों की जान जा भी चुकी है। ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने कई बार पीडब्ल्यूडी विभाग सहित संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत दर्ज कराई है और समाचार माध्यमों में भी इस मुद्दे को बार-बार उठाया गया है, लेकिन अब तक विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।स्थानीय लोग विभाग की उदासीनता पर नाराज़गी जता रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि सड़क की मरम्मत के साथ-साथ भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएँ। अब देखना यह होगा कि लोक निर्माण विभाग कब इस गंभीर समस्या पर ध्यान देता है और लोगों को राहत मिलती है या नहीं।


