तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
बिलासपुर में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित “एकता पदयात्रा” मंगलवार को तिफरा काली मंदिर से शुरू हुई, लेकिन यह यात्रा एकता से ज्यादा असहमति का मंच बन गई। भारतीय जनता पार्टी की यह पदयात्रा, जो एकजुटता और अनुशासन का संदेश देने के लिए निकली थी, बीच रास्ते में सियासी धक्का-मुक्की और प्रोटोकॉल विवाद का अखाड़ा बन गई।केंद्रीय मंत्री तोखन साहू की अगुवाई में शुरू हुई इस रैली में पदयात्रा की व्यवस्था को लेकर हंगामा मच गया। प्रथम पंक्ति में चलने को लेकर प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडे और बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला के बीच खुला विवाद हो गया। दोनों नेताओं में सार्वजनिक रूप से तकरार होने पर वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को बीच-बचाव करना पड़ा।प्रोटोकॉल की खुली अनदेखी का नजारा तब और चौंकाने वाला रहा जब बिलासपुर जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी जैसे वरिष्ठ पदाधिकारी पीछे चलते दिखाई दिए, जबकि मुंगेली जिला पंचायत सदस्य अंबालिका साहू को प्रथम पंक्ति में चलने को मिला। इससे स्थानीय नेताओं में नाराजगी और असंतोष खुलकर सामने आ गया।‘एकता’ के नाम पर निकली इस यात्रा में जब संगठन के नेता ही मर्यादा भूल गए, तो आम कार्यकर्ताओं में भी यह चर्चा का विषय बना रहा कि पार्टी के भीतर एकजुटता केवल मंचीय नारा बनकर रह गई है।


