जनजातीय गौरव दिवस मौके पर सर्व आदिवासी समाज ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन और अपनी प्रमुख मांगें रखीं। - Sarvavyapi जनजातीय गौरव दिवस मौके पर सर्व आदिवासी समाज ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन और अपनी प्रमुख मांगें रखीं। - Sarvavyapi

जनजातीय गौरव दिवस मौके पर सर्व आदिवासी समाज ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन और अपनी प्रमुख मांगें रखीं।

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नूर मोहम्मद /गौरेला पेंड्रा मरवाही/(सर्वव्यापी)

सर्व आदिवासी समाज,जिला जीपीएम द्वारा कलेक्टर को विभिन्न जनहित एवं आदिवासी समाज से जुड़े गंभीर मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा गया। समाज ने प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करते हुए कई महत्वपूर्ण मांगों के शीघ्र समाधान की अपेक्षा जताई है।प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई सुनिश्चित की जाए।भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को लंबित मुआवजा तुरंत प्रदान किया जाए।बेलपत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन शीघ्र प्रारंभ किया जाए, जो निर्मित होने के बावजूद लंबे समय से निष्क्रिय है।नामांतरण,फौती,बंटवारा एवं लंबित न्यायालयीन प्रकरणों सहित सभी राजस्व संबंधी मामलों का त्वरित निराकरण किया जाए तथा इसके लिए गांव–गांव में विशेष शिविर आयोजित किए जाएं।शासन विरुद्ध कलीराम मामले में SDM द्वारा दिए गए 3 दिन के आश्वासन के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर तत्काल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए।धारा 170(ख) से जुड़े सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए।ई–रेत नीलामी प्रणाली को तत्काल रोका जाए, क्योंकि यह PESA कानून 1996 की धारा 4(ट) एवं 4(ठ) का उल्लंघन है।PESA कानून 1996 पर सभी विभागीय कर्मचारियों, ग्रामसभा अध्यक्षों एवं सचिवों को प्रशिक्षण दिया जाए और ग्राम स्तर पर विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएं।कारीआम–कोटमीखुर्द मुख्य सड़क का निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ किया जाए जिले में आदिवासी पोस्ट–मैट्रिक छात्रावास की स्थापना की जाए।दर्री नहर सिंचाई परियोजना को शीघ्र पूर्ण कर चालू किया जाए, ताकि दर्री, भस्कुरा, मेदूका और बरवासन के किसानों को लाभ मिल सके तथा कृषि उन्नति सुनिश्चित हो।वन अधिकार कानून 2006 के तहत सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (CFR) धारा 3(1)(झ) के अनुसार ग्राम सभा—बरवासन, तौली, बगडी, महोरा, नरौर एवं सिलपहरी को अभी तक अधिकार पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। अतः इन्हें शीघ्र जारी किया जाए, जिससे ग्राम सभाएं संरक्षण, संवर्धन, प्रबंधन एवं पुनर्जनन का कार्य कर सकें। सर्व आदिवासी समाज ने कहा कि ये सभी मुद्दे जनहित, समुदाय के विकास और संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा से जुड़े हुए हैं। अतः प्रशासन से अनुरोध है कि जल्द से जल्द इन पर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।प्रतिलिपि भेजी गई:माननीय राष्ट्रपति महोदय, भारत सरकार, नई दिल्लीमाननीय मुख्यमंत्री महोदय, छत्तीसगढ़ शासन, रायपुरजारी कर्ता:सर्व आदिवासी समाज (GPM)


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