विकास नंद/ सर्वव्यापी/

प्रदेश संयोजक सरला कोसरिया के नेतृत्व में गायत्री परिवार सरायपाली ने संस्कारवान और स्वस्थ पीढ़ी के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। “आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी” अभियान के अंतर्गत सरायपाली एवं बसना विकासखंड की गर्भवती महिलाओं के लिए भव्य सामूहिक गर्भ संस्कार एवं गर्भोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें एक साथ 801 गर्भवती बहनों का विधिवत गर्भ संस्कार सम्पन्न कराया गया। इस अभूतपूर्व आयोजन के माध्यम से गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान प्राप्त हुआ।कार्यक्रम के दौरान 700 गर्भवती बहनों को गर्भोत्सव किट का वितरण किया गया।

आयोजन को सफल बनाने में युवा प्रकोष्ठ, गायत्री परिवार सरायपाली का विशेष योगदान रहा। बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं, उनके परिजन, स्वयंसेवक एवं गायत्री परिवार के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।इस अवसर पर 51 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन और विधि-विधान के साथ गर्भ संस्कार सम्पन्न हुए, जिससे सम्पूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया। विद्वान आचार्यों ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान सकारात्मक चिंतन, मंत्र जाप और संस्कारों का शिशु के मानसिक, बौद्धिक एवं शारीरिक विकास पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्रिय सहभागिता रही। विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं को सुपोषण किट वितरित की गई तथा संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।प्रदेश संयोजक सरला कोसरिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि गर्भ संस्कार केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी को स्वस्थ, संस्कारवान और सकारात्मक बनाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि जब शिशु को गर्भावस्था के दौरान ही अच्छे संस्कार मिलते हैं, तो समाज और राष्ट्र का भविष्य स्वतः सुदृढ़ और उज्ज्वल बनता है।कार्यक्रम के समापन पर सभी गर्भवती बहनों के सुरक्षित, सुखद एवं स्वस्थ मातृत्व की कामना की गई। यह आयोजन क्षेत्र में सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना को सशक्त करने की दिशा में एक अनुकरणीय पहल के रूप में देखा जा रहा है।