रायगढ़ से उठी जनाक्रोश की लहर, मंत्री के गृह ज़िले में ही साय सरकार के “सुशासन” पर सवाल।

Share Now

तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार जहां एक ओर प्रदेश में सुशासन और जनहित के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं मंत्री ओमप्रकाश चौधरी के गृह जिला रायगढ़ से सामने आ रही तस्वीरें इन दावों को कठघरे में खड़ा करती नजर आ रही हैं। हालात यह हैं कि खुले मंचों पर आम जनता मंत्री के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग कर रही है और इन घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। यह विरोध किसी एक कार्यक्रम या क्षणिक नाराज़गी तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे लंबे समय से पनप रहे असंतोष का विस्फोट बताया जा रहा है।रायगढ़, जो स्वयं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का भी संसदीय क्षेत्र रह चुका है, वहां जनता का इस तरह खुलकर आक्रोश जताना सरकार के लिए गंभीर चेतावनी माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान विकास को लेकर बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, रोजगार और शहरी अव्यवस्थाओं को लेकर लगातार शिकायतें बनी हुई हैं। लोगों का आरोप है कि मंत्री का गृह जिला होने के बावजूद रायगढ़ को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिली, जिससे आम जनता के मन में यह भावना गहरी हो गई है कि “अपना जिला भी उपेक्षित है।”इस बढ़ते असंतोष के पीछे एक बड़ा कारण प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद की कमी भी बताई जा रही है। नागरिकों का कहना है कि जनसमस्याओं को लेकर न तो नियमित जनदर्शन हो रहा है और न ही शिकायतों का समयबद्ध निराकरण किया जा रहा है। लंबे समय तक समस्याओं की अनदेखी होने से लोगों की नाराज़गी धीरे-धीरे उबाल पर पहुंच गई और अब वह सार्वजनिक मंचों तथा सड़कों पर खुलकर सामने आने लगी है।मंत्री के खिलाफ अपशब्दों वाले वीडियो का वायरल होना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि जनता का आक्रोश अब दबने वाला नहीं है। सोशल मीडिया ने रायगढ़ की नाराज़गी को पूरे प्रदेश तक पहुंचा दिया है, जिससे साय सरकार की छवि पर भी असर पड़ता दिख रहा है। विपक्ष इन वीडियो को सरकार की नाकामी और जनविरोध का प्रमाण बताकर लगातार हमलावर है, जिससे राजनीतिक दबाव और बढ़ गया है।चूंकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं रायगढ़ क्षेत्र से सांसद रह चुके हैं, इसलिए यह स्थिति केवल मंत्री ओमप्रकाश चौधरी तक सीमित नहीं रह जाती। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि रायगढ़ जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में जनता इस कदर नाराज़ है, तो इसका सीधा असर सरकार की साख और आने वाले समय की राजनीति पर पड़ सकता है। रायगढ़ की घटनाएं यह स्पष्ट संकेत दे रही हैं कि केवल सत्ता और पद से जनता को संतुष्ट नहीं किया जा सकता। ज़मीनी स्तर पर काम, पारदर्शिता, जवाबदेही और निरंतर संवाद ही जनता का भरोसा वापस ला सकते हैं।अब देखने वाली बात यह होगी कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इस जनाक्रोश को कितनी गंभीरता से लेते हैं और रायगढ़ की नाराज़ जनता को मनाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं, या फिर यह असंतोष आने वाले समय में साय सरकार के लिए एक बड़े राजनीतिक संकट का रूप ले लेता है।


Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!