विकास नंद/ सर्वव्यापी/
महासमुंद जिले के सरायपाली विकासखंड के दूरस्थ वनांचल ग्राम जंगलबेड़ा में प्रस्तावित सोलर प्लांट को लेकर विवाद अब पूरी तरह सियासी रंग ले चुका है। Godawari Power & Ispat Limited द्वारा स्थापित किए जा रहे सोलर संयंत्र के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध पिछले डेढ़ महीने से लगातार जारी है।आज इस पूरे मामले को विधानसभा में स्थानीय विधायक Chaturi Nand ने प्रमुखता से उठाया। उन्होंने वन भूमि पर स्थित आरक्षित नर्सरी में पेड़-पौधों की कटाई और कंपनी द्वारा कथित अतिक्रमण का मुद्दा सदन में रखा।इस पर वन मंत्री Kedar Kashyap ने स्पष्ट किया कि संबंधित भूमि राजस्व विभाग के अंतर्गत आती है। मंत्री के इस जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन में नारेबाजी करते हुए वॉकआउट कर दिया।उधर, जंगलबेड़ा के ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं और समाधान नहीं निकलने से परेशान हैं। मामले के राजनीतिकरण के बीच अब सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई और ठोस समाधान पर टिकी हुई है।