विकास नंद/ सर्वव्यापी/
बागबाहरा के 5 वर्षीय बालक नैतिक यादव की मृत्यु के बाद क्षेत्र में डीपीटी टीकाकरण को लेकर फैली आशंकाओं और अफवाहों पर स्वास्थ्य विभाग ने विराम लगा दिया है। विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर स्पष्ट किया गया है कि बालक की मृत्यु टीकाकरण के कारण नहीं, बल्कि श्वासनली में एस्पिरेशन (खाद्य या द्रव के फंसने) एवं अन्य स्वास्थ्य जटिलताओं के चलते हुई।बालक का पोस्टमार्टम मेडिकल कॉलेज महासमुंद में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा वीडियोग्राफी के साथ किया गया। रिपोर्ट में पाया गया कि बच्चे की श्वासनली में एस्पिरेशन के कारण सांस लेने में बाधा उत्पन्न हुई। इसके अलावा शरीर में ऑक्सीजन की कमी के संकेत जैसे होंठों और नाखूनों का नीला पड़ना, तिल्ली का बढ़ना तथा फेफड़ों में कंजेशन भी दर्ज किया गया, जो अन्य चिकित्सकीय कारणों की ओर इशारा करते हैं।स्वास्थ्य विभाग ने यह भी बताया कि उसी दिन उसी वायल से एक अन्य बच्चे को भी डीपीटी टीका लगाया गया था, जो पूरी तरह स्वस्थ है। इससे यह साफ होता है कि टीकाकरण सुरक्षित है और इस घटना का टीके से कोई संबंध नहीं है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण स्पष्ट रूप से एस्पिरेशन और अन्य स्वास्थ्य जटिलताएं बताया गया है, न कि टीकाकरण।स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और अपने बच्चों का समय पर टीकाकरण अवश्य कराएं। टीकाकरण बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए सुरक्षित और अत्यंत आवश्यक प्रक्रिया है।