महासमुंद पुलिस का ‘संवाद’ पोर्टल शुरू: अब व्हाट्सएप पर दर्ज होगी शिकायत, गुप्त सूचना भी भेज सकेंगे नागरिक।

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विकास नंद /सर्वव्यापी/

पुलिस और आम जनता के बीच संवाद को सरल, तेज और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से महासमुंद पुलिस ने एक नई पहल शुरू की है। कांकेर पुलिस के “शिकायत हेल्प डेस्क” अभियान की तर्ज पर अब जिले में “संवाद” नाम से व्हाट्सएप आधारित सेवा लागू कर दी गई है।

इस सुविधा के तहत अब नागरिक सीधे व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे या किसी भी अवैध गतिविधि से संबंधित गुप्त सूचना पुलिस तक पहुंचा सकेंगे।📲 ऐसे करें ‘संवाद’ की शुरुआत महासमुंद पुलिस ने इसके लिए मोबाइल नंबर 9479229939 जारी किया है। इस नंबर पर Hi/Hello/नमस्ते/हेल्प जैसे कोई भी ग्रीटिंग भेजकर चैट शुरू की जा सकती है। इसके बाद यूजर को दो विकल्प मिलेंगे—1️⃣ शिकायत दर्ज करें2️⃣ अवैध गतिविधियों की गुप्त सूचना दें📝 शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया शिकायत दर्ज करने के लिए विकल्प 2 चुनने पर यूजर अपनी शिकायत फोटो, PDF या टाइप करके भेज सकता है।

एक से अधिक पेज होने पर अलग-अलग भेजे जा सकते हैंसभी दस्तावेज भेजने के बाद शिकायत दर्ज हो जाती हैसिस्टम द्वारा एक शिकायत क्रमांक जारी किया जाता है, जिससे उसकी स्थिति ट्रैक की जा सकती है

🕵️‍♂️ गुप्त सूचना देने की सुविधा यदि कोई व्यक्ति अवैध गतिविधियों की सूचना देना चाहता है, तो विकल्प 1 चुनकर जानकारी भेज सकता है।सूचना सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंचती है सूचनाकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती हैसूचना श्रेणियाँ: अवैध शराब, जुआ, गांजा, नशे की दवाएं, या अन्य अपराध🤖 AI चैटबॉट से होगी त्वरित कार्रवाई‘संवाद’ पोर्टल में AI आधारित चैटबॉट लगाया गया है, जो—शिकायतों को स्वतः 10 श्रेणियों में वर्गीकृत करता हैसंबंधित थाने को तुरंत आबंटित करता हैडैशबोर्ड के जरिए रियल टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करता हैमुख्य श्रेणियों में मारपीट, महिला संबंधी अपराध, भूमि विवाद, चोरी, साइबर ठगी, सोशल मीडिया अपराध, अवैध गतिविधियां और पारिवारिक विवाद शामिल हैं।⏱️ खास नियमएक मोबाइल नंबर से 7 दिन में केवल 1 शिकायत दर्ज की जा सकेगीशिकायत की स्थिति भी व्हाट्सएप के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है

🤝 पुलिस-जन संवाद होगा और मजबूतइस नई डिजिटल पहल से अब लोगों को थाने जाने की जरूरत कम होगी और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया आसान, पारदर्शी और तेज बनेगी। महासमुंद पुलिस का यह कदम तकनीक के जरिए बेहतर कानून व्यवस्था और जनसहभागिता की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


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