संपादक के कलम से….आईएएस अफसर: देश–प्रदेश के विकास के असली कड़ी।

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तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

भारत देश के प्रशासनिक व्यवस्था मं जऊन सेवा ला सबसे जियादा प्रतिष्ठा मिलथे, वो ह भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) आय। आईएएस अफसर मन के जिम्मेदारी सिरिफ एक दफ्तर या एक विभाग तक सीमित नई रहय, बल्कि पूरा जिला, पूरा राज्य अउ कई बार पूरा देश के विकास मं इनकर अहम भूमिका रहिथे। शासन के योजनाओं ला जमीन तक पहुंचाय के असली जिम्मेदारी घलो एही अफसर मन ऊपर रहिथे।आज देश मं जऊन भी विकास के काम दिखत हे—सड़क, पुल, स्कूल, अस्पताल, पानी के योजना, किसान मन बर सुविधा या गरीब मन बर योजना—इ सब के पीछे कहीं न कहीं आईएएस अफसर मन के मेहनत अउ सोच काम करत रहिथे। सरकार के मंत्री, सांसद अउ विधायक मन योजना के घोषणा जरूर करथें, फेर वो योजना के सही क्रियान्वयन करे के जिम्मेदारी प्रशासन ऊपर रहिथे, अउ प्रशासन के मुखिया होथे आईएएस अफसर।जऊन जिला मं एक सक्षम अउ ईमानदार कलेक्टर पदस्थ होथे, उहां के विकास के रफ्तार आपे-आप तेज हो जाथे। कई बार देखे गे हवय कि एक जागरूक आईएएस अफसर पूरा जिला के तस्वीर बदल देथे। स्कूल के व्यवस्था सुधर जाथे, अस्पताल मं सुविधा बढ़ जाथे, गरीब मन ला सरकारी योजना के लाभ मिलना सुरु हो जाथे। ए सब काम सिरिफ आदेश देके नई होवय, बल्कि जमीन मं उतर के काम करे से होथे।छत्तीसगढ़ जइसन राज्य मं घलो कई ऐसे उदाहरण मिलथे जिहां आईएएस अफसर मन अपन काम से समाज मं नई पहचान बनाय हवंय। कऊनो अफसर शिक्षा के क्षेत्र मं काम करके हजारों बच्चा मन के भविष्य ला संवार देथे, त कऊनो स्वास्थ्य व्यवस्था सुधार के गरीब मन के जिंदगी बचाय के काम करथे। कई अफसर मन गांव-गांव घूम के किसान मन के समस्या समझथें अउ ओकर समाधान निकालथें।असल मं देखे जाय त लोकतंत्र मं मंत्री मन नीति बनाथें, लेकिन ओ नीति के धरातल मं उतार के जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारी मन के होथे। अगर प्रशासन मजबूत रहिथे त शासन के योजना सफल होथे, अउ अगर प्रशासन कमजोर हो जावय त बड़ी से बड़ी योजना घलो कागज मं दब के रहि जाथे।आज के समय मं आईएएस अफसर मन के भूमिका अउ घलो बढ़ गे हवय। तकनीक के जमाना मं प्रशासन ला पारदर्शी बनाय, भ्रष्टाचार कम करे, अउ जनता ला सीधा लाभ पहुंचाय के काम मं ये अफसर मन के सोच अउ पहल बहुत जरूरी हो गे हवय। डिजिटल शासन, ऑनलाइन सेवा, जनदर्शन, समाधान शिविर जइसन पहल घलो प्रशासन के सक्रियता से ही सफल होवत हें।हालांकि, ए घलो सही बात आय कि हर जगह स्थिति एक जइसन नई रहिथे। कऊनो-कऊनो जगह प्रशासनिक उदासीनता के शिकायत घलो सामने आवत रहिथे। जनता के उम्मीद रहिथे कि आईएएस अफसर मन सिरिफ दफ्तर मं बैठ के फाइल नई निपटावंय, बल्कि गांव-गांव जाके असली समस्या ला समझंय। जऊन अफसर जनता के बीच जाथे, वो हमेशा सम्मान पाथे।आईएएस सेवा के मूल भावना “जनसेवा” आय। जब एक अफसर ईमानदारी, संवेदनशीलता अउ जिम्मेदारी के साथ काम करथे, त वो सिरिफ सरकारी अधिकारी नई रहिथे, बल्कि समाज मं बदलाव लाने वाला नेता बन जाथे। एक अच्छा प्रशासक हजारों लोगन के जिंदगी मं सकारात्मक बदलाव ला सकथे।आज देश के जरूरत ए बात के हवय कि प्रशासनिक सेवा मं आने वाले युवा अफसर मन सिरिफ पद अउ प्रतिष्ठा ला लक्ष्य नई बनावंय, बल्कि समाज सेवा के भावना ले काम करंय। अगर प्रशासनिक सेवा मं पारदर्शिता, ईमानदारी अउ जनहित के सोच मजबूत होही, त देश के विकास के गति अउ तेज हो जाही।अंत मं ए कहे मं कऊनो संदेह नई कि आईएएस अफसर मन देश के प्रशासनिक ढांचा के सबसे मजबूत स्तंभ हवंय। मंत्री, सांसद अउ विधायक लोकतंत्र के जरूरी हिस्सा हवंय, फेर जमीनी स्तर मं शासन के सपना ला साकार करे के असली जिम्मेदारी प्रशासनिक सेवा ऊपर रहिथे।अगर प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत रहिही, त देश के विकास के रफ्तार ला कोनो रोक नई सकही। अउ एही कारण आय कि आईएएस सेवा ला देश के सबसे प्रतिष्ठित अउ जिम्मेदार सेवा माने जाथे।


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