बिलासपुर/ तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
बिलासपुर जिले में भाजपा नेता के रिश्तेदार पटवारी ने जमीन दलाल से मिलकर जमीन की दस्तावेजों में हेराफेरी करके बिक्री नामा किया है। जिसमें जमीन दलाल पुलिस की गिरफ्त में आ गया है लेकिन राजनीतिक पहुंच के कारण पटवारी लापता हो गया है। थाना सरकंडा अंतर्गत एक बड़े भूमि फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर सिध्दांशु मिश्रा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी पर खसरा नंबर बदलकर फर्जी दस्तावेज़ों के माध्यम से भूमि विक्रय करने का आरोप है।पुलिस ने बताया कि साल 2010-11 में सरकंडा जोरापारा स्थित खसरा नंबर 424 की भूमि का फर्जी 22 बिंदु प्रतिवेदन तैयार कर खरीदारों को खसरा नंबर 409 की भूमि पर कब्जा दिलाया गया था। आरोपी सिध्दांशु मिश्रा ने सोनिया बाई व अन्य से मुख्तियारनामा लेकर पटवारी चंदराम बंजारे और कमल किशोर कौशिक के साथ मिलकर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया।सोनिया बाई व अन्य के नाम पर दर्ज रोड और नाली की भूमि को विक्रय योग्य दिखाकर फर्जी प्रतिवेदन तैयार किया गया। इसके बाद उक्त भूमि को खरीदारों को बेच दिया गया और गेंदराम गुप्ता की भूमि पर कब्जा दिलाया गया। मामले की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की।वही पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर मामले की दोबारा जांच की गई, जिसमें आरोपी सिध्दांशु मिश्रा के खिलाफ ठोस सबूत पाए गए। आज दिनांक 10 मार्च 2025 को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने आरोपी को केन्द्रीय जेल बिलासपुर भेजने का आदेश दिया।आरोपी पटवारियों की तलाश जारी:मामले में आरोपी तत्कालीन पटवारी चंदराम बंजारे और कमल किशोर कौशिक की तलाश की जा रही है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही इन आरोपियों को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।यह प्रकरण भूमि फर्जीवाड़े के मामलों में एक गंभीर उदाहरण है, जिसमें सरकारी तंत्र के दुरुपयोग और आम नागरिकों को धोखा देने की साजिश सामने आई है।