रुपचंद राय, ब्यूरो चीफ सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के पचपेड़ी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बहतरा स्थित धान खरीदी केंद्र में कथित तौर पर बड़े भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। यहां धान खरीदी प्रक्रिया पूरी होने और सत्यापन के बाद भी रिकॉर्ड में धान की मात्रा बढ़ने से हड़कंप मच गया है।जानकारी के अनुसार, धान खरीदी केंद्र में खरीदी कार्य 5 फरवरी को समाप्त हो चुका था, जिसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत सत्यापन किया गया। सत्यापन के दौरान कुल 40,135 क्विंटल धान दर्ज किया गया था।लेकिन हैरानी की बात यह है कि सत्यापन के लगभग एक महीने बाद, 7 मार्च को रिकॉर्ड में धान की मात्रा बढ़कर 40,454 क्विंटल हो गई। यानी सत्यापन के बाद भी 319 क्विंटल धान की अतिरिक्त एंट्री दर्ज कर दी गई, जो पूरे मामले को संदिग्ध बनाती है।इस गड़बड़ी को लेकर लगभग 10 लाख रुपये के धान के हेरफेर की आशंका जताई जा रही है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह बंद हो चुकी थी और सत्यापन भी हो चुका था, तब अतिरिक्त धान की एंट्री आखिर कैसे और किसके निर्देश पर की गई।ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे मामले में केंद्र प्रबंधक उमाशंकर पटेल और ऑपरेटर नरेंद्र कुमार पटेल की मिलीभगत है। वहीं, जिला नोडल अधिकारी और सहकारिता विभाग के सीईओ गोदली वर्मा की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।अब नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है कि इस गंभीर मामले में कब तक जांच शुरू होती है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई की जाती