विकास नंद/ सर्वव्यापी/

जिले में अवैध नशे के कारोबार पर लगाम कसने की दिशा में महासमुंद पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए विभिन्न थानों में जब्त मादक पदार्थों का नष्टीकरण किया। जिला स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में कुल 1 करोड़ 59 लाख 84 हजार 520 रुपये मूल्य के अवैध मादक पदार्थों को नियमानुसार नष्ट किया गया।
यह कार्रवाई सिलतरा स्थित बायो मेडिकल वेस्ट प्लांट, एसएमएस रायपुर में की गई, जहां पुलिस अधीक्षक महासमुंद की अध्यक्षता में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं जिला आबकारी अधिकारी की उपस्थिति में भौतिक सत्यापन के बाद नष्टीकरण की प्रक्रिया पूरी की गई।
🔹 क्या-क्या किया गया नष्टजिले के विभिन्न थाना-चौकियों में दर्ज 35 प्रकरणों में जब्त सामग्री में शामिल हैं—720 ग्राम ब्राउन शुगर7 ग्राम हेरोइन2576 नग सिरप11,367 कैप्सूल62,449 टैबलेट4,123 इंजेक्शन (एम्पुल)🔹 किन थानों के मामले शामिल इन 35 प्रकरणों में सिंघोड़ा, सरायपाली, बलौदा, पटेवा, तुमगांव, महासमुंद, बागबाहरा, कोमाखान और बसना थाना क्षेत्र शामिल हैं। मामलों में वर्ष 2017 से 2025 तक के प्रकरण शामिल किए गए।🔹
पुलिस की कार्रवाई जारी, लेकिन उठ रहे सवाल
महासमुंद पुलिस द्वारा अवैध नशे के कारोबार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है, जिससे कई मामलों में सफलता भी मिली है और आमजन में पुलिस की सराहना हो रही है।हालांकि, जिले के सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण ओडिशा से जुड़े रास्तों से नशे की तस्करी को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।
लोगों के बीच चर्चा है कि पड़ोसी राज्यों में समान राजनीतिक स्थिति होने के बावजूद इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक क्यों नहीं लग पा रही है। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रियता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई सराहनीय जरूर है, लेकिन नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए और सख्त व समन्वित प्रयासों की जरूरत महसूस की जा रही है।