तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. डॉ. कुमुद शर्मा ने कहा है कि राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा ने देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समिति ने हिंदी की ज्योति विश्वभर में फैलाई है। राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा का 35 वां दीक्षांत समारोह रविवार, 29 मार्च को राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के प्रांगण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. कुमुद शर्मा संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि समिति का कार्य हिंदी के माध्यम से भारतीय संस्कृति और सभ्यता को सशक्त करना है। स्वतंत्रता आंदोलन के समय से ही समिति ने हिंदी को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हिंदी हमारी सांस्कृतिक पहचान का आधार है और यह हमारी परंपरा, संस्कृति तथा सभ्यता की भाषा है।प्रो. शर्मा ने अपने वक्तव्य में कहा कि वर्तमान वैश्वीकरण के दौर में हिंदी का महत्व और भी बढ़ गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के अंतर्गत भारतीय भाषाओं को उचित स्थान देने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है, जिससे हिंदी सहित अन्य भारतीय भाषाओं को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि विश्व की प्रमुख भाषाओं में हिंदी का स्थान निरंतर सुदृढ़ हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्धा में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की स्थापना के पीछे राष्ट्र भाषा प्रचार समिति का महत्वपूर्ण योगदान है, सन 1975 में नागपुर में सम्पन्न प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन राष्ट्र भाषा प्रचार समिति के नेतृत्व के कारण हुआ था और इसी सम्मेलन में हिंदी के विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया था। इस नाते विश्वविद्यालय और राष्ट्र भाषा प्रचार समिति का आपस में गहरा नाता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्र भाषा प्रचार समिति के अध्यक्ष सूर्य प्रसाद दीक्षित ने की। इस अवसर पर स्वागत भाषण समिति के प्रधानमंत्री डॉ. हेमचंद्र वैद्य ने दिया। समिति के पदाधिकारी महेश अग्रवाल ने आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम की शुरुआत परिसर स्थित गांधीजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके पश्चात सभा भवन में आयोजित समारोह में सभी अतिथियों का स्वागत किया गया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ हुआ। राष्ट्रभाषा महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर वातावरण को गरिमामय बनाया।इस अवसर पर मंच पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में समिति के पदाधिकारी एवं अन्य विशिष्ट अतिथि शामिल थे। समारोह के दौरान समिति को आर्थिक सहयोग भी प्राप्त हुआ, जिसमें दानदाताओं द्वारा राशि एवं अन्य सहयोग प्रदान किया गया।दीक्षांत समारोह के अंत में प्रो. डॉ. कुमुद शर्मा ने दीक्षार्थियों को दीक्षांत प्रतिज्ञा दिलाई तथा उन्हें प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया। समारोह में राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के विभिन्न राज्यों से पधारे पदाधिकारी, हिंदी प्रेमी तथा वर्धा के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।