तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
समाज के वंचित, पीड़ित और कमजोर वर्गों की आवाज़ बनकर न्याय दिलाने के लिए निरंतर संघर्षरत अधिवक्ता लता नायक को जयपुर में आयोजित एक भव्य समारोह में ‘नारी शक्ति सम्मान–2026’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके बहुआयामी सामाजिक योगदान, विधिक सेवाओं में उत्कृष्ट सक्रियता, महिला सशक्तिकरण, बाल कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और खेल प्रोत्साहन के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया।यह प्रतिष्ठित सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण का प्रतीक है, बल्कि इससे छत्तीसगढ़ के बिलासपुर क्षेत्र का गौरव भी राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा है। लता नायक ने अपने अथक प्रयासों से यह सिद्ध किया है कि एक जागरूक और संवेदनशील अधिवक्ता समाज में वास्तविक परिवर्तन का माध्यम बन सकती है।कार्यक्रम की थीम और आयोजन‘नारी शक्ति: समाज का आधार, राष्ट्र की पहचान’ थीम पर आयोजित इस भव्य समारोह का आयोजन अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक एवं सामाजिक मूल्यों की मासिक पत्रिका माही संदेश परिवार द्वारा किया गया। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से चयनित प्रतिभाशाली एवं समाजसेवा में अग्रणी महिलाओं को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।समारोह में समाज, साहित्य, शिक्षा, न्याय और सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियों को मंच पर साझा किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को भावनात्मक और प्रेरणादायक अनुभव प्रदान किया।लता नायक: न्याय और सेवा का सशक्त चेहराअधिवक्ता लता नायक ने अपने पेशे को केवल जीविका का साधन न मानकर समाज सेवा का माध्यम बनाया है। बिलासपुर में रहकर उन्होंने विशेष रूप से उन लोगों के लिए कार्य किया है, जो आर्थिक, सामाजिक या अन्य कारणों से न्याय प्राप्त करने में असमर्थ रहते हैं।विधिक सेवा के माध्यम से उन्होंने न केवल निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान की, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि न्याय से वंचित व्यक्तियों तक न्याय की किरण समय पर पहुंचे। उनका यह प्रयास उन्हें एक संवेदनशील और जिम्मेदार अधिवक्ता के रूप में स्थापित करता है।नारी सशक्तिकरण की अग्रदूतलता नायक ने महिलाओं के अधिकारों और उनके सशक्तिकरण के लिए निरंतर आवाज़ उठाई है। उन्होंने घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, संपत्ति अधिकार और सामाजिक भेदभाव जैसे मुद्दों पर न केवल कानूनी सहायता दी, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित भी किया।उनकी पहल से अनेक महिलाओं को न्याय मिला और उन्होंने अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर आत्मसम्मान के साथ जीवन जीना प्रारंभ किया।निराश्रित बच्चों और शिक्षा के लिए समर्पणलता नायक का कार्यक्षेत्र केवल न्यायालय तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने निर्धन और जरूरतमंद बच्चों के लिए शिक्षा, सुरक्षा और मार्गदर्शन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किया है।वे नियमित रूप से ऐसे बच्चों की सहायता करती हैं, जो आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित हो जाते हैं। उनके प्रयासों से कई बच्चों का भविष्य संवर रहा है और वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ पा रहे हैं।पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिकासमाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए लता नायक ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। उन्होंने वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने का कार्य किया है।उनका मानना है कि स्वस्थ समाज के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण अनिवार्य है, और इसी सोच के साथ वे निरंतर इस दिशा में कार्यरत हैं।खेल और युवाओं के विकास में योगदानविशेष रूप से खेल के क्षेत्र में लता नायक का योगदान उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने युवाओं और बच्चों को खेलों के प्रति प्रेरित किया और उन्हें सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।खेलों के माध्यम से अनुशासन, आत्मविश्वास और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने की उनकी सोच ने अनेक युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान की है। उनके प्रयासों से क्षेत्र में खेल गतिविधियों को नई ऊर्जा मिली है।दलित, पीड़ित और वंचितों की आवाज़लता नायक ने समाज के दलित, पीड़ित, वंचित और कमजोर वर्गों के लिए आवाज़ उठाने में कभी पीछे नहीं हटीं। उन्होंने कई संवेदनशील मामलों में न्याय की लड़ाई लड़कर यह सिद्ध किया कि कानून सभी के लिए समान है।उनकी यह प्रतिबद्धता उन्हें समाज के बीच एक विश्वसनीय और प्रेरणादायक व्यक्तित्व बनाती है।विधिक सेवा में निरंतर सक्रियताविधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से लता नायक ने अनेक जनहितकारी कार्य किए हैं। वे लगातार इस दिशा में प्रयासरत रही हैं कि न्याय से वंचित व्यक्तियों तक शीघ्र और प्रभावी न्याय पहुंचाया जा सके।उनकी सक्रियता और समर्पण ने उन्हें विधिक क्षेत्र में एक नई पहचान और दिशा प्रदान की है।अन्य प्रतिष्ठित सम्मानों से अलंकृत समारोहइस अवसर पर ‘प्रेमा माथुर प्रेरणा पुरस्कार’, ‘माला माथुर नारी शक्ति सम्मान’, ‘तारा देवी नारी शक्ति सम्मान’ और ‘एलिजाबेथ जरीन नारी शक्ति सम्मान–2026’ जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से भी विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का संचालन संरक्षक मंडल के मार्गदर्शन में अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें देशभर से आए विशिष्ट अतिथियों, साहित्यकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।समाज के लिए प्रेरणालता नायक का सम्मान केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए कार्य कर रहे हैं।उनकी कहानी यह संदेश देती है कि यदि दृढ़ संकल्प और सेवा भाव हो, तो कोई भी व्यक्ति समाज में बड़ा बदलाव ला सकता है।‘नारी शक्ति सम्मान–2026’ से सम्मानित होकर अधिवक्ता लता नायक ने यह साबित कर दिया है कि सच्ची नारी शक्ति वही है, जो अपने ज्ञान, साहस और संवेदनशीलता से समाज को बेहतर दिशा प्रदान करे।उनका जीवन और कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्त्रोत है और यह सम्मान उनके समर्पण, संघर्ष और सेवा भावना का जीवंत प्रमाण है।