तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
जिले की एक तहसील से भ्रष्टाचार का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पदस्थ एक हल्का पटवारी ने पांच भाई-बहनों के बीच जमीन के बंटवारे और नामांतरण के लिए कथित रूप से 3 लाख रुपए की रिश्वत की मांग कर डाली। मामला सामने आते ही राजस्व महकमे में हड़कंप मच गया है।पीड़ित परिवार के अनुसार, उन्होंने वैधानिक प्रक्रिया के तहत जमीन के बंटवारे और नामांतरण के लिए आवेदन किया था, लेकिन संबंधित पटवारी ने फाइल आगे बढ़ाने के बदले मोटी रकम की मांग की। हैरानी की बात यह है कि पटवारी ने हाल ही में स्थानांतरित हुए एक नायाब तहसीलदार का नाम लेते हुए कथित रूप से कहा कि “ऊपर तक सब सेटिंग है।”परिवार का कहना है कि जब उन्होंने अपनी राजनीतिक और प्रशासनिक पहुंच का हवाला दिया, तब भी पटवारी ने बेखौफ अंदाज में जवाब दिया—“जाओ कलेक्टर के पास शिकायत कर दो, कुछ नहीं होगा, सबको कमीशन जाता है।” इस बयान ने पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, यह कोई पहला मामला नहीं है। नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे जैसे मामलों में अवैध वसूली की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर अक्सर खानापूर्ति ही होती है।स्थानीय किसानों और आम नागरिकों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो भ्रष्टाचार की जड़ें और गहरी होती जाएंगी।अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और संबंधित पटवारी व अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है। वहीं इस पूरे मामले का खुलासा सर्वव्यापी अपने आगामी अंकों में करने जा रही है।