विकास नंद/ सर्वव्यापी/
भारत सरकार द्वारा पेट्रोल एवं डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती की घोषणा के बावजूद आम जनता को कोई वास्तविक राहत नहीं मिल रही है। पेट्रोल पंपों पर कीमतों में खास कमी नहीं दिखने से उपभोक्ताओं, किसानों और मध्यम वर्ग में नाराजगी बढ़ती जा रही है।पूर्व ब्लाक कांग्रेस कमेटी सचिव राहुल बग्गा ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि एक्साइज ड्यूटी में कटौती की घोषणा महज दिखावा है, क्योंकि जमीनी स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई ठोस कमी नजर नहीं आ रही।उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार एक ओर राहत देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर अन्य करों और व्यवस्थाओं के जरिए आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है। इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ रहा है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी न होने से परिवहन लागत बढ़ रही है, जिसका असर रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम पर साफ देखा जा सकता है। किसान, मजदूर और छोटे व्यापारी इस स्थिति से खासे परेशान हैं।कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी केंद्र सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए मांग की है कि पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए, ताकि आम जनता को वास्तविक राहत मिल सके।अंत में राहुल बग्गा ने कहा कि सरकार के ऐसे फैसले केवल पेट्रोल पंप संचालकों को लाभ पहुंचाने वाले हैं, जबकि आम जनता को इसका कोई विशेष फायदा नहीं मिल रहा।