विकास नंद ,सर्वव्यापी
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में जनगणना 2026 की तैयारियों एवं आगामी राजस्व पखवाड़ा की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयसीमा में सभी कार्य पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनगणना राष्ट्रीय दायित्व है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बैठक में जनगणना कार्य की प्रगति, कर्मचारी एंट्री एवं अन्य आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की जानकारी शीघ्रता से ऑनलाइन पोर्टल में दर्ज की जाए तथा लंबित एंट्री कार्य को प्राथमिकता से पूरा किया जाए। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखते हुए डेटा की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।उन्होंने गणना ब्लॉक निर्धारण की स्थिति की भी समीक्षा करते हुए उसे पोर्टल में दर्ज करने के निर्देश दिए। बताया गया कि जनगणना का प्रथम चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा, जिसमें प्रगणक घर-घर जाकर मोबाइल ऐप के माध्यम से 34 बिंदुओं पर जानकारी एकत्र करेंगे।वहीं, कलेक्टर ने 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक चलने वाले राजस्व पखवाड़ा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी राजस्व अधिकारियों को प्रत्येक गांव में मुनादी कराने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस अभियान का लाभ ले सकें। उन्होंने निर्धारित 15 बिंदुओं पर कार्रवाई सुनिश्चित करने और प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने बताया कि पखवाड़ा के दूसरे और तीसरे चरण क्रमशः 1 मई से 15 मई एवं 1 जून से 15 जून 2026 तक आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान विभिन्न ग्रामों में शिविर लगाकर राजस्व संबंधी समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाएगा।उन्होंने अविवादित नामांतरण, सीमांकन, डायवर्सन, किसान किताब वितरण, नक्शा-खसरा वाचन, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र एवं आरबीसी 6-4 के प्रकरणों के निराकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही लंबित आवेदनों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने को कहा।कलेक्टर ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को त्वरित राहत पहुंचाना है, इसलिए सभी अधिकारी जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप बेहतर परिणाम सुनिश्चित करें।