विकास नंद/ सर्वव्यापी/
जिले में निवासरत कमार विशेष पिछड़ी जनजाति के समग्र विकास के लिए अब तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में डिजिटल सर्वे की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई। इस महाअभियान के तहत 30 अप्रैल तक सर्वे कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
शासन की मंशा के अनुरूप कमार जनजाति के परिवारों का अब मोबाइल ऐप के माध्यम से नए सिरे से ऑनलाइन दस्तावेजीकरण किया जाएगा। इससे शासन की योजनाओं को उनकी वास्तविक जरूरतों के अनुरूप संशोधित कर सीधा लाभ पहुंचाना संभव होगा।कलेक्टर एवं जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष विनय लंगेह द्वारा इस महाअभियान की लगातार समीक्षा की जा रही है। वहीं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हेमंत नंदनवार को जिला नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संबंधित जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को विकासखंड स्तर पर नोडल बनाया गया है।यह अभियान केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है।
वर्तमान में महासमुंद, बागबाहरा और पिथौरा विकासखंड के 76 गांवों में कमार जनजाति के 923 परिवार निवासरत हैं, जिनकी कुल आबादी 3,309 है।इन परिवारों के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेजों का निर्माण पहले ही पूरा किया जा चुका है। साथ ही उनकी बसाहटों में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं भी लगभग शत-प्रतिशत सुनिश्चित कर दी गई हैं।
प्रशिक्षण के दौरान मुख्य प्रशिक्षक नीलेश खांडे ने अधिकारियों एवं मैदानी अमले को ऐप आधारित सर्वे की तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी दी। सर्वे को पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए सभी 76 बसाहटों में ग्राम स्तरीय सर्वेक्षण दल गठित किए गए हैं।इन दलों में पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, बीट गार्ड, पटवारी एवं छात्रावास अधीक्षक को शामिल किया गया है, जो घर-घर पहुंचकर सर्वे कार्य को सफल बनाएंगे।
इस डिजिटल पहल से कमार जनजाति के जीवन स्तर में सुधार की नई राह खुलेगी और उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ और अधिक प्रभावी ढंग से मिल सकेगा।