मैदान में उतरकर देखेंगे योजनाओं का असर : मनोज।

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तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

बिलासपुर जिले में अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं जिले के प्रभारी सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने आज मंथन सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न शासकीय योजनाओं की विभागवार विस्तृत समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, डीएफओ नीरज सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में प्रभारी सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने योजनाओं के क्रियान्वयन को केवल आंकड़ों तक सीमित न रखते हुए उनके वास्तविक परिणामों पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं की सफलता का मूल्यांकन मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर और कुपोषण में कमी जैसे ठोस परिणामों से होना चाहिए। उन्होंने आगामी बैठक में योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष अवलोकन करने तथा कृषि एवं उद्यानिकी के सफल हितग्राहियों से मिलकर उनकी सफलता की कहानी जानने की बात कही। वित्तीय वर्ष 31 मार्च को समाप्ति पर सभी विभागों द्वारा प्राप्त उपलब्धियों के लिए अधिकारियों को बधाई देते हुए उन्होंने जनहित में और बेहतर परिणाम देने हेतु उत्साह एवं गंभीरता से दायित्व निर्वहन करने की अपेक्षा जताई।

प्रभारी सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने गृह विभाग की समीक्षा से बैठक की शुरुआत की। बैठक में एसएसपी रजनेश सिंह ने अपराध नियंत्रण एवं नशे के विरुद्ध कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गुमशुदा बच्चों की खोज हेतु चलाए गए ऑपरेशन मुस्कान एवं ऑपरेशन तलाश में बिलासपुर जिला प्रदेश में क्रमशः प्रथम एवं द्वितीय स्थान पर रहा है। प्रभारी सचिव ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर पोर्टल में अपलोड करने के निर्देश दिए। खाद्य विभाग द्वारा बताया गया कि जिले में गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है। टोल फ्री नंबर पर प्राप्त 46 शिकायतों में से 43 का निराकरण किया जा चुका है। धान खरीदी केंद्रों में से अधिकांश से धान का उठाव पूर्ण हो चुका है। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में गर्मी के मौसम में संभावित बीमारियों से निपटने की तैयारियों की जानकारी दी गई। सीएमएचओ ने बताया कि जिले के 51 ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों के भवन निर्माण हेतु प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया है। एचपीवी टीकाकरण अब जिला अस्पताल के साथ-साथ कल से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी प्रारंभ किया जा रहा है। कृषि विभाग की समीक्षा में खाद-बीज की उपलब्धता तथा खाड़ी क्षेत्र की परिस्थितियों के मद्देनज़र वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए। पीएचई विभाग को 143 चिन्हित समस्या-ग्रस्त गांवों में पेयजल व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। पशु चिकित्सा विभाग की समीक्षा में बर्ड फ्लू की स्थिति की जानकारी लेते हुए प्रभारी सचिव ने बेसहारा पशुओं के लिए अधिक गोधाम खोलने के निर्देश दिए। वर्तमान में जिले में 5 गोधन संचालित हैं। सड़क सुरक्षा पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं की रोकथाम अकेले पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज का दायित्व है। बिना हेलमेट वाहन चलाने या तेज गति से वाहन चलाने वालों को टोकना हर नागरिक का कर्तव्य है। महतारी वंदन योजना की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 4.09 लाख महिलाओं को इसका लाभ मिल रहा है तथा सभी हितग्राहियों का ई-केवाईसी कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। बैठक में राष्ट्रीय जनगणना कार्य एवं राजस्व शिविरों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।


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