तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के जनपद पंचायत गौरेला अंतर्गत ग्राम झगराखण्ड में पंचायत के सरपंच और सचिव पर फर्जी मजदूरी भुगतान के गंभीर आरोप लगे हैं। स्थानीय पंचों एवं ग्रामीणों ने इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत के विकास मद से निकाली गई राशि का दुरुपयोग करते हुए पूर्व उपसरपंच संतोष वर्मा के पुत्र और पुत्री के नाम पर मजदूरी भुगतान किया गया है, जबकि दोनों ही संबंधित कार्यों में शामिल नहीं थे। आरोप है कि संतोष वर्मा की पुत्री का विवाह हो चुका है और वह रायपुर जिले में निवास कर रही है, वहीं उनका पुत्र हैदराबाद में नौकरी कर रहा है।बताया जा रहा है कि पंचायत सचिव कविता राठौर पिछले लगभग 10 वर्षों से झगराखण्ड में पदस्थ हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व उपसरपंच के कार्यकाल के दौरान भी सचिव और उनके बीच सांठगांठ कर कई अनियमितताएं की गईं, जिसकी शिकायत पहले भी की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे संबंधित लोगों के हौसले और बुलंद हो गए हैं।ग्रामीणों का यह भी कहना है कि वर्तमान पंचायत गठन में भी संतोष वर्मा का प्रभाव बना हुआ है। आरोप है कि उन्होंने अपने समर्थक को सरपंच बनाने के साथ ही अपनी पत्नी को पंच निर्वाचित कराने में भी सफलता हासिल की, जिसके चलते पंचायत में भ्रष्टाचार का सिलसिला लगातार जारी है।पंचों और आम जनता ने जनपद पंचायत गौरेला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मांग की है कि सचिव कविता राठौर को तत्काल झगराखण्ड पंचायत से हटाकर अन्यत्र अटैच किया जाए तथा उनके पूरे कार्यकाल की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।