विकास नंद/ सर्वव्यापी
जिले में औद्योगिक इकाइयों की निगरानी तेज करते हुए जिला स्तरीय संयुक्त टीम ने बेलटुकरी और बिरकोनी स्थित उद्योगों का निरीक्षण किया। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में कई विभागों के अधिकारियों ने मिलकर औद्योगिक सुरक्षा, श्रम कानूनों और अन्य मानकों की जांच की।बेलटुकरी स्थित मेसर्स पीकाडिली एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड के निरीक्षण के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आई। जांच में पाया गया कि निर्माणाधीन फैक्ट्री में सेफ्टी बेल्ट और सेफ्टी नेट का उपयोग नहीं किया जा रहा था। इस पर प्रबंधन को नोटिस जारी करने की कार्रवाई की गई। वहीं, विधिक मापविज्ञान विभाग द्वारा तौल एवं मापन उपकरणों की जांच की गई और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।श्रम विभाग की जांच में भी कई खामियां उजागर हुईं। संस्थान में कार्यरत श्रमिकों को वेतन पर्ची नहीं दी जा रही थी, सूचना बोर्ड प्रदर्शित नहीं था और ओवरटाइम से संबंधित कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया। फैक्ट्री में कुल 110 श्रमिक कार्यरत पाए गए, जिनमें 35 अन्य राज्यों के और 75 स्थानीय श्रमिक शामिल हैं। ठेकेदारों द्वारा नियमों का पालन नहीं करने पर उन्हें भी नोटिस जारी किया जा रहा है।इसी तरह बिरकोनी स्थित मेसर्स इनलैंड स्पेशिलियटी मेटल्स में भी जांच के दौरान सुरक्षा उपकरणों की कमी पाई गई। कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा साधन उपलब्ध नहीं कराए गए थे। साथ ही श्रम नियमों के तहत सूचना बोर्ड, सैलरी स्लिप और ओवरटाइम रिकॉर्ड का अभाव पाया गया। इस पर प्रबंधन और ठेकेदारों के खिलाफ नोटिस जारी करने की कार्रवाई की गई।हालांकि, दोनों ही संस्थानों में नापतौल और खनिज विभाग की जांच में कोई अनियमितता नहीं मिली। दोनों फैक्ट्रियां फिलहाल निर्माणाधीन हैं और उत्पादन कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है।जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा और श्रम कानूनों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।