विकास नंद/ सर्वव्यापी/
महासमुंद जिले के सरायपाली तहसील क्षेत्र में इन दिनों महुआ की अवैध खरीदी और पड़ोसी राज्य उड़ीसा से हो रहे लगातार परिवहन का बड़ा खेल सामने आया है। क्षेत्र में यह गतिविधियां तेजी से संचालित हो रही हैं, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि जिम्मेदार मंडी प्रशासन को इसकी कोई जानकारी नहीं है।जानकारी के अनुसार, स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर महुआ का संग्रहण और परिवहन किया जा रहा है।
जब इस संबंध में सरायपाली मंडी प्रशासन से पूछताछ की गई, तो उन्होंने साफ तौर पर बताया कि इस वर्ष क्षेत्र में महुआ की कोई वैध खरीदी नहीं हो रही है। साथ ही 9 अप्रैल तक महुआ से संबंधित किसी भी प्रकार का सौदा पत्रक जारी नहीं होने की पुष्टि भी की गई।
ऐसे में कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं—जब कोई अधिकृत खरीदी नहीं हो रही, तो क्षेत्र में एकत्रित हो रहा महुआ आखिर जा कहां रहा है? इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं? और बिना किसी रिकॉर्ड के यह कारोबार किसकी शह पर चल रहा है?
महुआ जैसे वन उत्पाद का इस तरह खुलेआम अवैध परिवहन न केवल नियमों की अनदेखी है, बल्कि यह प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है।
अब निगाहें संबंधित विभागों की कार्रवाई पर टिकी हैं—क्या इस अवैध कारोबार पर जल्द लगाम लगेगी या यह खेल यूं ही जारी रहेगा?