विकास नंद/ सर्वव्यापी
जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन को जनआंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से संचालित मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0 के अंतर्गत आज जिला पंचायत परिसर महासमुंद में मुख्य कार्यपालन अधिकारी हेमंत नंदनवार ने श्रमदान करते हुए सोख्ता गड्ढा निर्माण कार्य में सक्रिय सहभागिता निभाई। इस दौरान जिला पंचायत के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भी उत्साहपूर्वक श्रमदान कर जल संरक्षण का संदेश दिया।सीईओ हेमंत नंदनवार ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण अत्यंत आवश्यक है और वर्षा जल के संरक्षण के लिए सोख्ता गड्ढों का निर्माण एक प्रभावी उपाय है। उन्होंने सभी विभागों, ग्राम पंचायतों एवं आम नागरिकों से इस अभियान से जुड़कर जल संरक्षण गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।उन्होंने बताया कि अभियान के प्रथम चरण में महासमुंद जिले में व्यापक स्तर पर जल संरक्षण कार्य किए गए थे। विभिन्न ग्राम पंचायतों में सोख्ता गड्ढा निर्माण, वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण एवं जल स्रोतों के संरक्षण जैसे कार्यों के तहत कुल 35,182 जल संरचनाएं निर्मित की गई थीं। इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए जिले को जल संचय, जन भागीदारी (जेएसजेबी 1.0) के अंतर्गत पूर्वी जोन की कैटेगरी-2 में बेस्ट परफॉर्मिंग जिला का प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में अब अभियान 2.0 के तहत इन प्रयासों को और गति दी जा रही है। जनसहभागिता के माध्यम से जल संरक्षण कार्यों को बढ़ावा देकर भू-जल स्तर में सुधार और जल उपलब्धता में वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।