विकास नंद/ सर्वव्यापी/

सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत ग्राम पंचायत बिरकोल में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों से कुल 486 आवेदन प्राप्त हुए। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा प्राप्त शिकायतों और मांगों पर त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया।कार्यक्रम में राज्य महिला आयोग की सदस्य सरला कोसरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष मोंगरा पटेल, जिला पंचायत सदस्य कुमारी भास्कर सहित जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।इस अवसर पर सरला कोसरिया ने भीषण गर्मी को देखते हुए बिजली और पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने बिजली विभाग को 24 घंटे के भीतर खराब ट्रांसफार्मरों को सुधारने तथा अतिरिक्त ट्रांसफार्मर रिजर्व में रखने के निर्देश दिए। साथ ही एसडीएम को इसकी सतत निगरानी करने के लिए कहा गया।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) को निर्देशित किया गया कि खराब हैंडपंपों की मरम्मत, नल-जल योजना के तहत निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित करें तथा आवश्यकता पड़ने पर नए बोर खनन कराएं।वन विभाग को बारिश से पहले पौध तैयार कर व्यापक वृक्षारोपण एवं संरक्षण सुनिश्चित करने, साथ ही बालसी क्षेत्र सहित अन्य पहाड़ी इलाकों को चिन्हित कर अतिक्रमण मुक्त कर वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए गए।जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आगामी शिविरों से पूर्व पंचायतों में मुनादी कर अधिक से अधिक समस्याओं को शिविर तक लाने तथा सभी विभागों की योजनाओं के पाम्पलेट व ब्रोशर पंचायत भवनों में चस्पा कराने के निर्देश दिए गए।शिक्षा विभाग को विद्यालयों में शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था एवं शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने, वहीं आदिम जाति कल्याण विभाग को आश्रम-छात्रावासों में सीट के अनुरूप प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।राजस्व विभाग को निर्देशित किया गया कि स्कूल खुलते ही विद्यार्थियों को आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए सरल और सुव्यवस्थित व्यवस्था बनाई जाए।शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भ संस्कार, अन्नप्राशन संस्कार सहित विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को किट वितरण भी किया गया।कार्यक्रम के दौरान सभी विभागों की विस्तार से समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधार एवं जनहित में दिशा-निर्देश दिए गए। सुशासन तिहार के इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।