तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
राज्य शासन ने प्रशासनिक कसावट और विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से एक अहम निर्णय लेते हुए प्रमोटी आईएएस अधिकारी संतोष देवांगन को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया है। उनके पदभार ग्रहण करने के साथ ही जिले में प्रशासनिक सक्रियता और जनहितकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।संतोष देवांगन इससे पहले बिलासपुर में एसडीएम के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जहां उन्होंने राजस्व प्रबंधन, कानून-व्यवस्था और जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण में अपनी अलग पहचान बनाई थी। एक सख्त लेकिन संवेदनशील अधिकारी के रूप में उनकी छवि रही है, जो जमीनी स्तर पर काम करने में विश्वास रखते हैं।प्रमोटी आईएएस होने के नाते संतोष देवांगन का प्रशासनिक अनुभव काफी व्यापक है। उन्होंने अपने करियर के दौरान विभिन्न स्तरों पर कार्य करते हुए शासन की योजनाओं को धरातल पर उतारने में दक्षता साबित की है। बिलासपुर एसडीएम रहते हुए उन्होंने कई जटिल मामलों का समाधान कर आम जनता के बीच भरोसा कायम किया था।गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जैसे नवगठित जिले में विकास की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इसके साथ ही चुनौतियां भी कम नहीं हैं। ऐसे में संतोष देवांगन का अनुभव जिले के समग्र विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने नए कलेक्टर के आगमन का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि उनके नेतृत्व में जिले में विकास कार्यों को गति मिलेगी और प्रशासन आम जनता के और करीब आएगा।नए कलेक्टर संतोष देवांगन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती शासन की प्राथमिकताओं को जमीन पर उतारने, जनसमस्याओं का त्वरित समाधान करने और जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की होगी।