विकास नंद/ सर्वव्यापी
वैश्विक ऊर्जा संकट, बढ़ती ईंधन खपत और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए प्रेरणादायी पहल की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ईंधन संरक्षण और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के आह्वान से प्रेरित होकर मंत्री अग्रवाल ने अपने राजकीय दौरों में पायलट वाहन, फॉलो वाहन और विशेष प्रोटोकॉल का उपयोग नहीं करने का निर्णय लिया है।मंत्री अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में ईंधन की बचत केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है। इसी भावना के तहत उन्होंने अपने सुरक्षा काफिले में केवल आवश्यक वाहनों को शामिल करने तथा अनावश्यक वाहनों को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्य स्थिति बहाल होने तक वे किसी भी प्रकार की पायलट, फॉलो गाड़ी अथवा विशेष प्रोटोकॉल का उपयोग नहीं करेंगे।उन्होंने कहा कि यह समय जिम्मेदारी, संयम और जनभावनाओं के साथ खड़े रहने का है। राष्ट्रहित में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। मंत्री अग्रवाल ने प्रदेशवासियों से “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ सार्वजनिक परिवहन, कारपूलिंग और संसाधनों के संयमित उपयोग को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।मंत्री अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार आत्मनिर्भर भारत, पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के संतुलित उपयोग की दिशा में देशवासियों को प्रेरित कर रहे हैं। उनकी प्रेरणा को आत्मसात करते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि शासन और जनप्रतिनिधि स्वयं उदाहरण प्रस्तुत कर समाज को सकारात्मक संदेश दे सकें।