विकास नंद/ सर्वव्यापी
विकासखंड सरायपाली में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अनुपमा आनंद की अध्यक्षता में पल्स पोलियो अभियान के सफल एवं सुचारू संचालन के लिए ब्लॉक टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुणाल नायक ने अभियान की रूपरेखा एवं तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी।डॉ. नायक ने बताया कि 28 जून (रविवार) को अभियान के प्रथम दिवस बूथों के माध्यम से सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। इसके बाद द्वितीय एवं तृतीय दिवस स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा घर-घर भ्रमण कर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की दवा दी जाएगी। वहीं शहरी क्षेत्रों में बस स्टैंड, स्लम बस्तियों, ईंट भट्ठों तथा अन्य संवेदनशील स्थानों पर ट्रांजिट टीमों के माध्यम से भी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी।
बैठक में बताया गया कि भारत में पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत वर्ष 1995 में हुई थी तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 27 मार्च 2014 को भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया था। हालांकि पड़ोसी देशों में लगातार पोलियो के मामले सामने आने के कारण एहतियात के तौर पर यह अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को प्रथम दिवस ही नजदीकी बूथ पर ले जाकर पोलियो की खुराक अवश्य दिलाएं तथा आसपास के अन्य अभिभावकों को भी इसके लिए प्रेरित करें, ताकि अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाया जा सके।बैठक में सघन कुष्ठ खोज अभियान की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि 15 जून से 15 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर शरीर पर मौजूद दाग-धब्बों एवं कुष्ठ रोग के संभावित लक्षणों की जांच करेंगी। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे जांच कार्य में स्वास्थ्य टीमों का सहयोग करें, जिससे रोग की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित किया जा सके।