विकास नंद/ सर्वव्यापी
वर्षों से रेल लाइन की मांग कर रहे सरायपाली क्षेत्र के लोगों का इंतजार अब और लंबा होता जा रहा है। केंद्र और प्रदेश में डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद सरायपाली आज भी रेल सुविधा से वंचित है। सबसे बड़ी बात यह है कि महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद Roop Kumari Choudhary स्वयं सरायपाली निवासी हैं, जिसके कारण क्षेत्रवासियों को उम्मीद थी कि उनके कार्यकाल में रेल लाइन परियोजना को गति मिलेगी, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति नजर नहीं आई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सरायपाली लंबे समय से विकास की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए रेल सुविधा की मांग कर रहा है। रेल लाइन बनने से व्यापार, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में बड़े अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को भी सीधा लाभ मिलेगा और लोगों की यात्रा अधिक आसान व सुलभ हो सकेगी।
व्यापारिक संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि हर चुनाव में रेल लाइन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाता है। नेताओं द्वारा आश्वासन भी दिए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। लोगों का कहना है कि महासमुंद लोकसभा क्षेत्र से लगातार भाजपा समर्थित सांसद जीतते आ रहे हैं, इसके बावजूद सरायपाली की सबसे बड़ी मांग अब तक अधूरी पड़ी है।
क्षेत्रवासियों का सवाल है कि जब क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाली सांसद स्वयं सरायपाली से हैं, तब भी इस महत्वपूर्ण परियोजना को प्राथमिकता क्यों नहीं मिल पा रही है। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते रेल परियोजना पर कार्य शुरू हो जाता, तो क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा मिल सकती थी।
नागरिकों ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि सरायपाली रेल लाइन परियोजना को प्राथमिकता में रखते हुए जल्द सर्वे, स्वीकृति और बजट प्रक्रिया शुरू की जाए। लोगों का कहना है कि यदि क्षेत्र के समग्र विकास की बात की जाती है, तो सरायपाली को रेल नेटवर्क से जोड़ना सबसे जरूरी कदमों में शामिल होना चाहिए।
अब पूरे क्षेत्र की निगाहें सरकार और जनप्रतिनिधियों पर टिकी हैं कि आखिर सरायपाली की बहुप्रतीक्षित रेल लाइन का सपना कब हकीकत में बदलेगा।