तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में भीषण गर्मी के बीच लगातार घंटों बिजली गुल रहने से आम नागरिकों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। शहर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश पनप रहा है। लोग सरकार और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने लगे हैं।जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर लगभग 1 बजे से रात 3 बजे तक शहर के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रही। हाईकोर्ट से लगे छतौना, चकरभाठा, अमसेना, हिर्री सहित कई इलाकों में लोग भीषण गर्मी और उमस के बीच परेशान होते रहे। आश्चर्य की बात यह रही कि बिजली विभाग का मुख्यालय क्षेत्र तिफरा भी इस लंबे बिजली संकट से अछूता नहीं रहा।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह समस्या अब एक-दो दिन की नहीं रह गई है, बल्कि लगभग हर रोज घंटों बिजली बंद रहने की स्थिति बन रही है। दिनभर की कटौती के कारण घरों में पानी की समस्या उत्पन्न हो रही है, वहीं रात में बिजली गुल होने से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।व्यापारियों और छोटे उद्योग संचालकों ने भी बिजली कटौती पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि लगातार बिजली बाधित होने से व्यापार प्रभावित हो रहा है और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब होने का खतरा बना रहता है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को भी सिंचाई कार्य में परेशानी उठानी पड़ रही है।लोगों का आरोप है कि भीषण गर्मी शुरू होने के बावजूद बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में कोई ठोस कदम नजर नहीं आ रहा है। बार-बार फॉल्ट और ट्रिपिंग की समस्या से उपभोक्ताओं का भरोसा बिजली विभाग से उठता जा रहा है।अब उपभोक्ताओं ने मांग की है कि बिजली विभाग तत्काल व्यवस्था सुधारते हुए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करे, अन्यथा आने वाले दिनों में जनआक्रोश और बढ़ सकता है।