मुख्यमंत्री सचिव पी. दयानंद ने की ‘सर्वव्यापी’ की सराहना, कहा— निष्पक्ष, निर्भीक और खोजी पत्रकारिता का सशक्त मंच।

Share Now

रामनारायण यादव, ब्यूरो चीफ सर्वव्यापी, बिलासपुर

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सचिव पी दयानंद ने आज प्रदेश के चर्चित समाचार पत्र ‘सर्वव्यापी’ का विशेष अध्ययन करते हुए इसकी पत्रकारिता शैली, जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता तथा खोजी रिपोर्टिंग की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में निष्पक्ष, निर्भीक और बेबाक पत्रकारिता करना आसान नहीं है, लेकिन ‘सर्वव्यापी’ ने पत्रकारिता के मूल्यों को जीवित रखते हुए समाज और शासन के बीच एक मजबूत संवाद स्थापित किया है।उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 से लगातार छह वर्षों से बिना किसी सरकारी विज्ञापन के नियमित रूप से प्रकाशित हो रहा यह समाचार पत्र अपनी विश्वसनीयता, तथ्यपरक समाचारों और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के कारण पाठकों के बीच अलग पहचान बना चुका है। यह किसी भी समाचार पत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है कि वह सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सिद्धांतों और पत्रकारिता धर्म के साथ निरंतर आगे बढ़ता रहे।सीएम सचिव पी. दयानंद ने कहा कि लोकतंत्र में स्वतंत्र मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पत्रकारिता केवल घटनाओं की जानकारी देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का एक सशक्त मंच भी है। ‘सर्वव्यापी’ ने विभिन्न सामाजिक, प्रशासनिक, कर्मचारी, किसान और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर अपनी अलग पहचान बनाई है।उन्होंने विशेष रूप से ‘सर्वव्यापी’ के प्रधान संपादक तरुण कौशिक के कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि तरुण कौशिक केवल पत्रकारिता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साहित्य, सामाजिक सरोकारों और जनजागरण के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और पत्रकार संगठनों में प्रदेश स्तर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों के मुद्दों को मजबूती से उठाया है।मुख्यमंत्री सचिव पी दयानंद ने कहा कि तरुण कौशिक द्वारा लिखे जाने वाले संपादकीय आलेख विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ी भाषा में लिखे जाने वाले उनके विचारप्रधान और जनभावनाओं से जुड़े संपादकीयों की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्रीय भाषा में गंभीर विषयों पर सारगर्भित लेखन न केवल भाषा को समृद्ध करता है, बल्कि आमजन को अपनी मातृभाषा में समसामयिक विषयों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य भी करता है। उनके लेखों में सामाजिक चेतना, प्रशासनिक जवाबदेही, जनहित और लोक संस्कृति के संरक्षण का भाव स्पष्ट दिखाई देता है।उन्होंने कहा कि आज जब क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है, तब छत्तीसगढ़ी भाषा में प्रभावशाली संपादकीय लेखन समाज को जागरूक करने और अपनी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का कार्य कर रहा है। यह प्रयास पत्रकारिता के साथ-साथ साहित्यिक योगदान के रूप में भी महत्वपूर्ण है।मीडिया जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि मुख्यमंत्री सचिव पी दयानंद द्वारा व्यक्त किए गए विचार ‘सर्वव्यापी’ की विश्वसनीय पत्रकारिता और उसके संपादकीय नेतृत्व को मिली एक महत्वपूर्ण मान्यता हैं। पत्रकारिता, साहित्य और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने वाले तरुण कौशिक के नेतृत्व में ‘सर्वव्यापी’ ने प्रदेश में एक ऐसे समाचार पत्र के रूप में पहचान बनाई है, जो जनसरोकारों, निष्पक्षता और निर्भीकता को अपनी सबसे बड़ी पूंजी मानता है।प्रदेश के पत्रकारिता जगत में पी. दयानंद की यह टिप्पणी चर्चा का विषय बनी हुई है। मीडिया और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों का कहना है कि यह सम्मान उन सभी स्वतंत्र समाचार माध्यमों के लिए प्रेरणादायी है, जो संसाधनों की सीमाओं के बावजूद सत्य, जनहित और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।


Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!