तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
मुंगेली जिले में शिक्षा के प्रति उत्साह, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था को नई ऊर्जा देते हुए शनिवार को विकासखंड मुंगेली के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, चकरभाठा में शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर, पुष्प भेंटकर तथा निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण कर आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन और लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक पुन्नूलाल मोहले ने कहा कि जिले ने हाल ही में बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पूरे प्रदेश में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करने और शिक्षा को सफलता का सबसे सशक्त माध्यम बनाने का आह्वान किया। विधायक मोहले ने विद्यालय के सर्वांगीण विकास के लिए 171 लाख रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की। इसके तहत आधुनिक लाइब्रेरी एवं विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण तथा अतिरिक्त अधोसंरचनात्मक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन कार्यों से विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से युक्त बेहतर शिक्षण वातावरण मिलेगा और विद्यालय नई उपलब्धियां हासिल करेगा। कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए गए हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम आज जिले के उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों के रूप में सामने आया है। उन्होंने कहा कि मुंगेली आज शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के अग्रणी जिलों में अपनी पहचान बना रहा है, जिसका श्रेय शिक्षकों की मेहनत और समर्पण को जाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक पाठ पढ़ाने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र का भविष्य गढ़ते हैं। उन्होंने शिक्षकों से शिक्षण कार्य को अपना जुनून बनाकर प्रत्येक विद्यार्थी की प्रतिभा को पहचानने और उसे आगे बढ़ाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष से बेहतर कार्ययोजना बनाकर शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा। वनमंडलाधिकारी अभिनव कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही सशक्तिकरण की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ उसे प्राप्त करने का प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों की शिक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षित समाज ही विकसित राष्ट्र की मजबूत नींव रखता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अच्छे संस्कार, अनुशासन और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया। कार्यक्रम में बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। वहीं नवप्रवेशी विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराते हुए नियमित अध्ययन, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का पालन करने की प्रेरणा दी गई। कार्यक्रम के समापन में छात्र-छात्राओं को शासन की सरस्वती सायकल योजना के अंतर्गत निःशुल्क साइकिल एवं गणवेश का वितरण किया गया। साइकिल मिलने से दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को विद्यालय पहुंचने में सुविधा होगी, वहीं गणवेश वितरण से विद्यार्थियों में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ। इस दौरान अतिथियों द्वारा वृक्षारोपण कर पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शांति देवचरण भास्कर, जनपद पंचायत अध्यक्ष रामकमल सिंह, एसडीएम अजय शतरंज, जिला शिक्षा अधिकारी एल.पी.डाहिरे, प्राचार्य सौखी लाल पंकज, सरपंच सुरजा पठारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, पालकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।


